बिलासपुर…भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को जिला कार्यालय में ‘आपातकाल दिवस’ मनाया। कार्यक्रम में मीसाबंदियों और उनके परिजनों का सम्मान किया गया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने आपातकाल को देश के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए कहा कि 25 जून 1975 को लागू किया गया आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था।

धरमलाल कौशिक ने कहा कि आपातकाल के दौरान हजारों लोगों को बिना किसी ठोस कारण जेलों में बंद किया गया, जिससे अनेक परिवार बिखर गए। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां इस दौर को भूल न जाएं, इसलिए प्रतिवर्ष 25 जून को ‘आपातकाल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

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सत्ता बचाने के लिए लगाया गया था आपातकाल

कौशिक ने आरोप लगाया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए देश में आपातकाल लागू किया। उन्होंने कहा कि उस समय देश में आपातकाल जैसी कोई परिस्थिति नहीं थी, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के चलते लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया।

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उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल भेजा गया, समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू की गई और पत्रकारों की गिरफ्तारियां भी हुईं। कौशिक ने आरोप लगाया कि उस दौर में लोगों को विभिन्न आरोप लगाकर जेलों में बंद किया जाता था तथा जबरन नसबंदी जैसे कदम भी उठाए गए।

मीसाबंदियों ने साझा किए अनुभव

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कार्यक्रम में मीसाबंदी दत्ता त्रिपुरवार ने कहा कि आपातकाल के दौरान जेल जाने वालों के मन में हमेशा भय बना रहता था कि वे वापस लौट पाएंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की हठधर्मिता के कारण देश में आपातकाल थोपा गया था, जिसके खिलाफ देशभर में सत्याग्रह आंदोलन चलाया गया।

सेवानिवृत्त प्राचार्य और मीसाबंदी गोवर्धन गुलहरे ने कहा कि 21 मार्च 1977 को आपातकाल समाप्त होने के बाद मीसाबंदियों को राहत मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समाप्त करने के प्रयास भी किए गए।

कांग्रेस का चरित्र आज भी नहीं बदला

भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय ने कहा कि लोकतंत्र में तानाशाही और दमनकारी नीतियों का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र आज भी बना हुआ है, इसलिए जनता ने उसे नकार दिया है।

कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए भाजपा शहर जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर ने कहा कि आपातकाल इस बात का उदाहरण है कि कांग्रेस सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।

लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान

कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी गोवर्धन गुलहरे, अर्जुन तिर्थानी, सुनील पुराणिक, दत्ता त्रिपुरवार, नारायण तावड़कर, सुंदरश्याम सचदेव, नेतराम विश्वकर्मा और गजानन दिघ्रस्कर का शाल एवं पुष्पमाला से सम्मान किया गया।

इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, भाजपा जिला महामंत्री सोमेश तिवारी, जिला कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और लोकतंत्र सेनानी उपस्थित रहे।