बिलासपुर…मोपका स्थित नगर निगम गौठान में छह गायों की मौत का मामला अब तूल पकड़ चुका है। शुरुआत में गायों की मौत को बीमारी का परिणाम बताकर मामला शांत करने की कोशिश हुई, लेकिन मौके पर पहुंचे अधिकारियों और गौ सेवा आयोग की जांच के बाद तस्वीर बदलती नजर आ रही है। निरीक्षण में गौठान में भारी अव्यवस्था, क्षमता से अधिक गोवंश को एक ही कमरे में रखने, चारे-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने और निगरानी में गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसके बाद निगम प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छह कर्मचारियों को हटाने के साथ ही सेनेटरी इंस्पेक्टर को भी गौठान की जिम्मेदारी से अलग कर दिया है।

जानकारी के अनुसार गौठान में करीब 300 से अधिक गोवंश रखे गए हैं। लगातार बारिश के कारण उन्हें कई दिनों तक बाहर नहीं निकाला गया। जिस कमरे की क्षमता अधिकतम 50 गायों की है, उसमें 75 से अधिक गायों को रखा गया। ऐसी स्थिति में भगदड़ मचने पर कई गायें एक-दूसरे के नीचे दब गईं। प्रारंभिक जांच में यही तथ्य सामने आया कि दबने के कारण छह गायों की मौत हुई।

ये खबर भी पढ़ें…
एनीकट के पास सजी थी जुए की महफिल, पुलिस पहुंची तो मची भगदड़; चार जुआरी धराए
एनीकट के पास सजी थी जुए की महफिल, पुलिस पहुंची तो मची भगदड़; चार जुआरी धराए
बिलासपर... तखतपुर थाना क्षेत्र के नगोई एनीकट के पास जुए की महफिल पर पुलिस ने दबिश देकर चार जुआरियों को...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

घटना के बाद नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने गायों की मौत बीमारी से होने की बात कही। हालांकि निरीक्षण में शामिल कुछ अधिकारियों तथा पशुधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया भगदड़ को मौत का प्रमुख कारण माना। इससे निगम के शुरुआती दावे पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही गौ सेवा आयोग के जिला अध्यक्ष धीरेंद्र दुबे ने स्वयं गौठान पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने चारे, पानी, साफ-सफाई और गोवंश प्रबंधन में गंभीर खामियां मिलने की बात कही। उनका कहना है कि यदि गायें बीमार थीं तो उन्हें स्वस्थ गोवंश के साथ रखना नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने इसे प्रथम दृष्टया नगर निगम प्रबंधन की लापरवाही बताया।

ये खबर भी पढ़ें…
चोरी में औजार बरामद, चाकूबाजी में खून लगा चाकू; दोनों मामलों के आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
चोरी में औजार बरामद, चाकूबाजी में खून लगा चाकू; दोनों मामलों के आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
बिलासपुर... जिले में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई चोरी और चाकूबाजी की घटनाओं में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त खजांची कुम्हार ने तत्काल प्रभाव से गौठान में कार्यरत छह कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर दिया। इनमें गौसेवा के लिए नियुक्त तीन महिला और दो पुरुष कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही गौठान की निगरानी के लिए जिम्मेदार सेनेटरी इंस्पेक्टर आलोक कुमार सिंह को भी तत्काल प्रभाव से गौठान की जिम्मेदारी से हटा दिया गया।

सूत्रों के अनुसार सेनेटरी इंस्पेक्टर आलोक कुमार सिंह के खिलाफ पहले भी गौठान में अनियमितता की शिकायतें मिलती रही थीं। आरोप है कि उन्हें नियमित रूप से गौठान में रहकर निगरानी करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा था। इसी लापरवाही के कारण गौठान का प्रबंधन पूरी तरह चरमरा गया और हालात इतने बिगड़ गए कि छह गोवंशों की जान चली गई।

ये खबर भी पढ़ें…
पीएम मोदी के जन्मदिन पर पुलिस ग्राउंड में जगमगाए सवा लाख दीप
पीएम मोदी के जन्मदिन पर पुलिस ग्राउंड में जगमगाए सवा लाख दीप
बिलासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के जन्म दिन पर बिलासपुर पुलिस ग्राउंड में आशीर्वाद का दिया कार्यक्रम के तहत 1,25,000 दिया...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जोन क्रमांक-6 के प्रभारी भूपेंद्र उपाध्याय वर्तमान में अवकाश पर हैं। हालांकि पूरे मामले की जांच में गौठान की निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।

अब पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू हो चुकी है। गौठान में हुई इस घटना ने न केवल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि गौ संरक्षण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति भी उजागर कर दी है।

क्या बोले गौ सेवा आयोग जिला अध्यक्ष 

“गौठान के निरीक्षण में गंभीर अव्यवस्थाएं मिली हैं। पूरी रिपोर्ट और निरीक्षण के दौरान जुटाए गए तथ्य प्रदेश स्तर पर गौ सेवा आयोग को भेज दिए गए हैं। गोवंश की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन और आयोग से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।”

क्या बोले उपायुक्त खजांची कुम्हार

“मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर छह कर्मचारियों को हटाया गया है और सेनेटरी इंस्पेक्टर आलोक कुमार सिंह को भी गौठान की जिम्मेदारी से पृथक कर दिया गया है। गौ संरक्षण संस्थाओं से भी कहा गया है कि ऐसे गौसेवकों की नियुक्ति करें जो वास्तव में गोवंश की सेवा और देखभाल के प्रति समर्पित हों। नई नियुक्तियों को नियमानुसार मानदेय दिया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”