वीरेंद्र यादव की रचनाओं ने अनेक विमर्शों को दिशा दी ,प्रख्यात आलोचक को श्रद्धांजलि

बिलासपुर । प्रख्यात आलोचक,साहित्यकार वीरेंद्र यादव के आकस्मिक निधन पर प्रलेस की बिलासपुर इकाई ने उन्हें शोकांजलि अर्पित करते हुए एक शोक सभा का आयोजन किया ।
सभा में श्री यादव के अवदान को रेखांकित करते हुए कहा गया कि उनकी कमी को पूरा कर पाना मुश्किल है । उनके साहित्यिक व रचनात्मक योगदान का दायरा बहुत विस्तृत रहा है । उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य में अनेक विमर्शों को दिशा दी । वे प्रगतिशील लेखक संघ से आजीवन जुड़े रहे । राष्ट्रीय समिति सहित विभिन्न पदों पर रहे वीरेंद्र यादव के जुझारू व्यक्तित्व और सक्रिय हस्तक्षेप से सभी को हमेशा ऊर्जा मिलती रही ।
याद किया गया कि गत वर्ष बिलासपुर में हुए प्रसंग मुक्तिबोध में वे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे । सभी साथियों के पास उनसे जुड़े अनेक संस्मरण हैं । वीरेंद्र यादव का असमय जाना साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है । यह सभा उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करती है और उनके परिवार के दुख में सहभागी है । सभा में हबीब खान,नथमल शर्मा,रफीक ख़ान,सत्यभामा अवस्थी, अखिल वर्मा,साखन दर्वे , लहरे सहित अनेक साथी उपस्थित थे । अंत में दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।





