CG News।छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सांगठनिक मशीनरी को और अधिक धार देने और मैदानी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने के उद्देश्य से केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ा कदम उठाया है.

भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा जारी नई नियुक्तियों की सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है. उनके साथ राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ शंभू को प्रदेश सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि राज्य के भावी राजनीतिक समीकरणों को साधने की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है. स्मृति ईरानी को प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के पीछे केंद्रीय नेतृत्व का बड़ा राजनीतिक गणित और कई दूरगामी रणनीतियां छिपी हैं.

स्मृति ईरानी भारतीय राजनीति का एक सशक्त और प्रखर चेहरा हैं. राष्ट्रीय पटल पर उत्तर प्रदेश के अमेठी संसदीय क्षेत्र में एतिहासिक जीत दर्ज करने से लेकर केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास, कपड़ा, सूचना एवं प्रसारण तथा महिला एवं बाल विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभालने का उनके पास लंबा अनुभव है.

गुजरात, गोवा और उत्तर-पूर्वी राज्यों में चुनावी प्रबंधन और संगठन विस्तार में उनका योगदान सराहनीय रहा है. उनका यह व्यापक अनुभव और प्रखर वक्ता की छवि छत्तीसगढ़ में संगठन को नई गति प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगी

2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक वापसी में ‘महतारी वंदन योजना’ ने गेमचेंजर की भूमिका निभाई थी. प्रदेश की लाखों महिलाओं को सीधे वित्तीय सहायता मिलने से महिला वोट बैंक भाजपा के पक्ष में मजबूती से लामबंद हुआ था.

 महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अपने पूर्व अनुभव के बल पर स्मृति ईरानी प्रदेश की महिला कार्यकर्ताओं और महिला वोट बैंक में पैठ को और मजबूत करेंगी.

 राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और उनके प्रभावी प्रचार-प्रसार पर उनका विशेष जोर रहेगा.

आदिवासी बहुल और विविध सामाजिक ताने-बाने वाले छत्तीसगढ़ में स्मृति ईरानी की तैनाती से पार्टी को कई स्तरों पर मजबूती मिलेगी:

 अपनी प्रखर और हमलावर भाषण शैली के लिए मशहूर स्मृति ईरानी विपक्षी खेमे के हमलों का माकूल जवाब देने में सक्षम हैं.

केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके सीधे समन्वय का लाभ प्रदेश संगठन को त्वरित निर्णय लेने और प्राथमिकताओं को तेजी से लागू करने में मिलेगा.

जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद और उनकी पहुंच से बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं के मनोबल में इजाफा होगा.

स्मृति ईरानी की नियुक्ति से राज्य में संगठन और सरकार (साय सरकार) के बीच समन्वय और मजबूत होगा. प्रदेश स्तर पर सिद्धार्थ शंभू के साथ मिलकर वे सांगठनिक बैठकों, आगामी रणनीतियों और कार्यक्रमों का खाका तैयार करेंगी.

छत्तीसगढ़ राज्य गठन (सन 2000) के बाद से ही भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने हमेशा वरिष्ठ और रणनीति-कुशल नेताओं को ही राज्य का प्रभार सौंपा है. प्यारेलाल खंडेलवाल, सौदान सिंह, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, डॉ. अनिल जैन और हालिया चुनावों में ओम माथुर जैसे दिग्गजों के रणनीतिक मार्गदर्शन में पार्टी ने राज्य में सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर सफलता हासिल की है.