बिलासपुर…सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मोबाइल फोन के जरिए क्रिकेट और आईपीएल में ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया है। लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी आखिरकार पुलिस की घेराबंदी में फंस गया। यह कार्रवाई शहर में तेजी से फैल रहे ऑनलाइन जुए के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है।

फरार आरोपी नेहरू चौक से दबोचा गया

पुलिस को सूचना मिली थी कि सट्टा प्रकरण में शामिल आरोपी सैंकी सलूजा लगातार ठिकाने बदल रहा है और शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय है। 17 जनवरी 2026 को नेहरू चौक के पास सिविल लाइन पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि वह अपने साथी के साथ मिलकर मोबाइल ऐप के माध्यम से क्रिकेट सट्टा खिलाता था।

आईफोन और मोबाइल से चलता था कारोबार

पुलिस जांच में आरोपी के पास से एक आईफोन-17 प्रो, एक मोटोरोला मोबाइल और 2000 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। मोबाइल की जांच में क्रिकेट सट्टे से जुड़े डिजिटल सबूत मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टे का संचालन कर रहा था।

 गिरफ्तारी के बाद खुली पूरी कड़ी

 प्रकरण में 6 जनवरी 2026 को आयुष अग्रवाल को महाराणा प्रताप चौक व्यापार विहार क्षेत्र से क्रिकेट सट्टा खिलाते हुए पकड़ा गया था। उसके मोबाइल से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस को सैंकी सलूजा की भूमिका का पता चला, जो घटना के दिन से फरार था। लगातार तलाश के बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत जेल

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7(2) एवं बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा युवाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से बर्बाद कर रहा है, ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

ऑनलाइन जुए पर कड़ी नजर

सिविल लाइन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल और ऐप के माध्यम से चल रहे जुए के नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शहर में कहीं भी क्रिकेट, आईपीएल या किसी अन्य खेल के नाम पर सट्टा खिलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।