Cg news।छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक स्वेच्छाचारिता का एक और बड़ा मामला सामने आया है. मुंगेली जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मोहन लाल पटेल के खिलाफ बिलासपुर पदस्थापना के दौरान किए गए गंभीर प्रशासनिक उल्लंघन को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है.

लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के एक शिक्षिका को 554 दिनों का दीर्घकालिक संतान पालन अवकाश (Child Care Leave) स्वीकृत करने के मामले में उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) संस्थित की है.

बिलासपुर डीईओ संदीप पांडेय को इस मामले में जांच अधिकारी और बिल्हा बीईओ भूपेंद्र कौशिक को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी (Presenting Officer) नियुक्त किया गया है.

यह प्रकरण वर्ष 2018 से 2020 के मध्य का है, जब मोहन लाल पटेल बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के पद पर कार्यरत थे:

शासकीय प्राथमिक शाला सिलपहरी की सहायक शिक्षिका वंदना अहिरवार ने 21 दिसंबर 2018 से 26 जून 2020 तक कुल 554 दिनों का संतान पालन अवकाश लिया था. शिक्षिका ने बिना किसी विधिवत और सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के 21 दिसंबर 2018 से स्कूल आना बंद कर दिया था.

जांच में यह भी सामने आया है कि शिक्षिका द्वारा प्रस्तुत किए गए अवकाश आवेदन में किसी भी तिथि (Date) का उल्लेख नहीं था.

छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के नियमानुसार इतने लंबे समय (554 दिन) के अवकाश को स्वीकृत करने का अधिकार केवल उच्च प्रशासकीय विभाग/मंत्रालय के पास सुरक्षित होता है. इसके बावजूद तत्कालीन बीईओ पटेल ने नियमों को दरकिनार कर अपने ही स्तर पर अवकाश स्वीकृत कर दिया.

स्कूल शिक्षा विभाग ने उनके इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के तहत गंभीर कदाचार, पदीय दुरुपयोग और अनुशासनहीनता माना है.

यह पहली बार नहीं है जब अधिकारी विवादों में घिरे हैं. इससे पहले मोहन लाल पटेल पर 55.43 लाख रुपये के अंशकालीन स्वीपर मानदेय घोटाले में भी गंभीर आरोप लग चुके हैं:

संयुक्त संचालक (JD) की 743 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट में उनके ऊपर वित्तीय अनियमितताओं और गबन की पुष्टि हुई थी.

रिपोर्ट में उनकी पेंशन और जीपीएफ (GPF) की राशि से गबन की राशि वसूलने की सिफारिश भी की गई थी. हालांकि, इन गंभीर रिपोर्टों के बावजूद उन्हें मुंगेली जिले का प्रभारी डीईओ बना दिया गया था.

जांच अधिकारी का बयान

“बिल्हा के तत्कालीन बीईओ के मामले में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) से जांच के आदेश प्राप्त हुए हैं. संबंध में आधिकारिक पत्र हाल ही में मिला है. मामले की पूरी नियमानुसार जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन (Report) शीघ्र ही डीपीआई को भेजा जाएगा.”संदीप पांडेय, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), बिलासपुर