जमीन के नीचे का खेल उजागर: 24 मामलों में कार्रवाई, 9.27 लाख वसूले
खामोश खनन पर खुली फाइलें: 24 प्रकरण, 9 लाख से ज्यादा की वसूली

बिलासपुर…जिले में अवैध मिट्टी उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सख्त रुख अपनाते हुए 24 प्रकरणों में कार्रवाई की है। इन मामलों में कुल 9 लाख 27 हजार 663 रुपये की समझौता राशि वसूल कर खनिज मद में जमा कराई गई है, जो विभाग की सक्रिय निगरानी और नियंत्रण कार्रवाई को दर्शाती है।
खनिज विभाग के अनुसार अवैध उत्खनन के 8 मामलों में 6 लाख 50 हजार 783 रुपये और अवैध परिवहन के 16 मामलों में 2 लाख 76 हजार 880 रुपये की वसूली की गई। जिले में लगातार जांच और निरीक्षण अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, जिससे नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
जिले में मिट्टी ईंट के लिए कुल 29 उत्खनिपट्टा स्वीकृत हैं, जिनमें से 4 वर्तमान में लैप्स हो चुके हैं। शेष स्वीकृत इकाइयों में पर्यावरणीय स्वीकृति और नियमों के अनुसार संचालन की निगरानी की जा रही है। विभाग का कहना है कि स्वीकृत पट्टों के अलावा अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उप संचालक किशोर गोलघाटे ने बताया कि छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत पारंपरिक कुम्हार समुदाय को ईंट और अन्य उत्पाद बनाने के लिए विशेष छूट दी गई है। इसके अलावा जिले में ईंट निर्माण से संबंधित कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई है, लेकिन सतत मॉनिटरिंग जारी है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और राजस्व हानि रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी न हो सके।





