समाधान की रफ्तार: 144 में 66 मामलों का मौके पर निपटारा, 5 लाख की स्वास्थ्य सहायता.. खिले चेहरे
ग्राउंड पर उतरा सुशासन: एक दिन में 66 समस्याएं खत्म, योजनाओं का सीधा लाभ

बिलासपुर..सुशासन तिहार के तहत मस्तुरी विकासखंड के सोंठी में आयोजित समाधान शिविर ने प्रशासनिक सक्रियता की एक स्पष्ट तस्वीर पेश की, जहां 144 आवेदनों में से 66 मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। शेष प्रकरणों के लिए संबंधित विभागों को समयसीमा तय कर जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे यह संकेत गया कि लंबित मामलों को भी तय समय में निपटाने की दिशा में काम किया जा रहा है। शासकीय हाई स्कूल परिसर में लगे इस शिविर में आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और सीधे अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं।
शिविर केवल शिकायतों के निपटारे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि योजनाओं के लाभ का सीधा वितरण भी हुआ। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 6 वर्ष पूर्ण कर चुके बच्चों को शाला प्रवेश प्रमाण पत्र सौंपे, वहीं सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खातों का संचालन शुरू कराया गया। स्व सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के माध्यम से डेढ़ लाख से चार लाख रुपये तक के स्वीकृति पत्र दिए गए, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को बल मिलने की उम्मीद है।
राजस्व से जुड़े मामलों में भी मौके पर राहत दी गई। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया, वहीं किसानों को ऋण पुस्तिका की द्वितीय प्रति सौंपी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र दिए गए और आयुष्मान कार्ड वितरण के जरिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया। अलग-अलग गांवों से आए हितग्राहियों को दस्तावेज सौंपने की प्रक्रिया ने शिविर को केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि परिणाम देने वाला मंच बना दिया।
इसी कड़ी में तिफरा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय शिविर कई परिवारों के लिए उम्मीद बनकर सामने आया। यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सहायता स्वीकृत की गई। लंबे समय से इलाज के खर्च से जूझ रहे जीवराखन कश्यप, शारदा प्रसाद कश्यप, सुनीता सूर्यवंशी और पुष्पा मधुकर जैसे हितग्राहियों के लिए यह सहायता बड़ा सहारा बनी। आवेदन के तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया पूरी कर आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए, जिससे अब इलाज के लिए आर्थिक चिंता काफी हद तक खत्म हो गई है। हितग्राहियों ने इसे सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि जीवन में सुरक्षा और भरोसे का बड़ा आधार बताया।
इस शिविर में सोंठी, जेवरा, खोंधरा, निरतु, बसहा, उडागीं, कुकदा, कुली, उनी, बिटकुला, मड़ई, खम्हरिया, जुहली और लुतरा सहित कई गांवों के लोग शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में योजनाओं की जानकारी दी गई और लोगों को बताया गया कि वे किस तरह इन योजनाओं से जुड़कर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। इससे शिविर केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि जागरूकता और पहुंच बढ़ाने का जरिया भी बना।
इसी कड़ी में 5 मई को कोटा ब्लॉक के बिटकुली और नगर निगम क्षेत्र के नर्मदा नगर में भी समाधान शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वास्थ्य सेवाएं और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने निकटतम शिविर में पहुंचकर योजनाओं का लाभ लें और अपनी समस्याओं का समाधान कराएं।
वहीं शहर के जोन क्रमांक 2 में आयोजित शिविर में जनप्रतिनिधियों ने सुशासन तिहार को सरकार और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बताया। यहां प्राप्त आवेदनों में आवास, सड़क, नाली, स्वच्छता और राशन कार्ड से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे, जिनके समाधान के लिए अधिकारियों ने प्राथमिकता तय की। अब 5 मई को जोन क्रमांक 3 के वार्ड 15, 16 और 17 के लिए नर्मदा नगर सामुदायिक भवन में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक शिविर आयोजित होगा, जहां नागरिक सीधे अपनी समस्याएं रख सकेंगे।





