सरहद से बिलासपुर तक हेरोइन नेटवर्क का भंडाफोड़… 34 ग्राम की जब्ती से खुली पंजाब कनेक्शन की परतें, 63 वर्षीय सप्लायर गिरफ्तार
शुरुआती कार्रवाई: 34 ग्राम हेरोइन के साथ तीन गिरफ्तार

बिलासपुर… चकरभाठा थाना क्षेत्र में 1 फरवरी 2026 को मुखबिर सूचना पर की गई कार्रवाई ने एक बड़े नेटवर्क की नींव हिला दी। अपराध में धारा 21 (B) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण में करण दीपसिंह, मोहित हिंदूजा और रजिन्दर कुमार को 34 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ हेरोइन के साथ पकड़ा गया। बरामदगी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल बिलासपुर भेज दिया गया।
एंड-टू-एंड विवेचना: स्थानीय से सप्लाई चेन तक
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मामले की एंड-टू-एंड जांच शुरू की गई। प्राथमिक पूछताछ और तकनीकी इनपुट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि यह केवल स्थानीय स्तर की बिक्री नहीं, बल्कि संगठित सप्लाई चेन का हिस्सा है। जांच की दिशा तेजी से बदली और टीम को राज्य से बाहर जाने की जरूरत पड़ी।
पंजाब कनेक्शन: अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दबिश
जांच की कड़ियां पंजाब के जिला तरनतारन स्थित थाना खेमकरण क्षेत्र तक पहुंचीं। खेमकरण गांव भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित है और सीमा क्षेत्र होने के कारण यहां मादक पदार्थ तस्करी की आशंकाएं पहले भी सामने आती रही हैं। बिलासपुर पुलिस की टीम ने वहां दबिश देकर बाला उर्फ बलराम सिंह सनियारे (63 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया जा रहा सप्लायर
गिरफ्तार आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया जा रहा है, जहां उसे एनडीपीएस कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी का बड़ा पुत्र भी मादक पदार्थ संबंधी मामले में जेल में निरुद्ध है। सीमा क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से सप्लाई की सूचनाएं भी जांच के दायरे में हैं, जिन्हें इस प्रकरण से जोड़कर परखा जा रहा है।
नेटवर्क की पूरी परतें खोलने पर फोकस
जांच अब केवल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क की पहचान और उसकी आर्थिक कड़ियों को चिन्हित करने पर केंद्रित है। बिलासपुर तक यह खेप किन माध्यमों से पहुंची, इसमें कौन-कौन शामिल है और इसके पीछे का संरचित तंत्र क्या है—इन सभी बिंदुओं पर वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस कप्तान का स्पष्ट संदेश
पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने कहा है कि मादक पदार्थ के मामलों में केवल कैरियर की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। सप्लाई के स्रोत और नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचना प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका सामने लाई जाएगी और मादक पदार्थ के खिलाफ अभियान इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा।
कार्रवाई महज 34 ग्राम हेरोइन की जब्ती भर नहीं, बल्कि उस ‘हेरोइन कॉरिडोर’ पर चोट है जिसकी परछाईं बिलासपुर तक महसूस की जा रही थी। कसावट भरी जांच और राज्य से बाहर तक पहुंची कार्रवाई ने संकेत दे दिया है कि नशे के नेटवर्क पर इस बार सीधी और गहरी चोट की गई है।





