शिक्षा विभाग में करोड़ों का खेल: वेतन में हेराफेरी कर 29 लाख का गबन, फरार कर्मचारी दबोचा—SSP रजनेश सिंह ने कहीं यह बात
कोटा पुलिस की सख्त कार्रवाई, महीनों से फरार आरोपी गिरफ्तार; दूसरे की तलाश तेज

बिलासपुर (कोटा): शिक्षा विभाग में शासकीय राशि के गबन के बड़े मामले में कोटा पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर कार्रवाई को निर्णायक मोड़ दे दिया है। वेतन में कूट रचना कर करीब 29 लाख 62 हजार रुपए की राशि निकालने के आरोप में लंबे समय से फरार चल रहे देवेंद्र कुमार पालके को पुलिस ने दबोच लिया है, जबकि इस पूरे खेल का दूसरा आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर है।
मामले की शुरुआत प्रार्थी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा की शिकायत से हुई, जिसमें बताया गया कि विकासखंड कोटा में पदस्थ लेखपाल/सहायक ग्रेड-02 नवल सिंह पैकरा और कर्मचारी देवेंद्र कुमार पालके ने मिलकर शासकीय राशि में हेराफेरी की। जांच में सामने आया कि सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच 25 लाख 4 हजार 422 रुपए और मार्च 2025 से नवंबर 2025 तक 4 लाख 57 हजार 800 रुपए वेतन मद में कूट रचना कर निकाले गए। इस तरह कुल 29 लाख 62 हजार 222 रुपए का गबन किया गया।
मामला दर्ज होते ही पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की, लेकिन दोनों फरार हो गए। इसके बाद संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश और साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रैकिंग की गई। इसी दौरान मिली सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर देवेंद्र कुमार पालके को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि शासकीय राशि में गबन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और पूरे प्रकरण में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की बारीकी से जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोटा के मार्गदर्शन में की गई, जिसमें निरीक्षक नरेश चौहान सहित पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस ने संकेत दिया है कि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे नेटवर्क के और भी पहलुओं का खुलासा हो सकता है।





