गांव में उतरा पूरा सिस्टम: समस्याओं की उमड़ी भीड़.. और प्रशासन ने भी लिया तुरंत फैसला.. पड़ी आखिर क्या है मामला

बिलासपुर…धौराभांठा में लगा जनसमस्या निवारण शिविर इस बार सिर्फ औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि गांव के बीच पहुंचकर समाधान देने का सजीव उदाहरण बन गया। एक ही दिन में 209 आवेदन सामने आए और उनमें से 162 का मौके पर निराकरण कर लोगों को तत्काल राहत दी गई। गांव के बीच बैठे प्रशासनिक अमले ने साफ कर दिया कि योजनाएं अब फाइलों से निकलकर सीधे लोगों तक पहुंच रही हैं।
शिविर में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने मौजूद रहकर सरकार की मंशा को स्पष्ट किया। उनका कहना रहा कि यह पहल केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच भरोसे का सेतु है। उन्होंने कहा कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसी सोच के साथ प्रशासन गांव तक पहुंच रहा है और हर समस्या को जिम्मेदारी के साथ हल किया जा रहा है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. रामकुमार कौशिक सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जनभागीदारी और योजनाओं की सही जानकारी ही वास्तविक लाभ तक पहुंचने का रास्ता है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का तुरंत समाधान संभव है, उन्हें मौके पर निपटाया जा रहा है, जबकि अन्य कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
शिविर में कई हितग्राहियों को योजनाओं का सीधा लाभ भी मिला। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों की चाबी, पेंशन स्वीकृति आदेश, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए। इससे लोगों को तत्काल राहत के साथ योजनाओं का वास्तविक लाभ मिला।
ग्राम सभा की भूमिका पर जोर देते हुए यह भी संदेश दिया गया कि विकास का रास्ता स्थानीय जरूरतों को समझकर ही तय होगा। जल संरक्षण, पौधारोपण और संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।





