कोषालय पर कलेक्टर का कड़ा शिकंजा: डबल लॉक से हर फाइल को छाना.. और फिर इनको सीधी चेतावनी
स्टाम्प, पेंशन और बिल पासिंग तक की बारीकी से समीक्षा—पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर

बिलासपुर: जिले की वित्तीय व्यवस्था को परखने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने गुरुवार को जिला कोषालय का वार्षिक निरीक्षण किया। कलेक्टोरेट परिसर स्थित कोषालय में पहुंचकर उन्होंने डबल लॉक व्यवस्था से लेकर अभिलेखों तक हर स्तर पर स्थिति का भौतिक सत्यापन किया और वित्तीय अनुशासन को लेकर साफ संदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कोषालय में रखे महत्वपूर्ण पंजियों और रिकॉर्ड की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्टाम्प और टिकट प्रबंधन, बिल पासिंग की प्रक्रिया, पेंशन भुगतान और लेखा संबंधी कार्यों को विस्तार से परखा। हर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वित्तीय कामकाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।
कोषालय की कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सिस्टम मजबूत तभी माना जाएगा जब हर प्रक्रिया दस्तावेज़ों में साफ और समय पर दिखाई दे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भुगतान और लेखा से जुड़े मामलों में देरी न हो और रिकॉर्ड अपडेट रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त कलेक्टर ज्योति पटेल, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी बसंत गुलेरी, डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत, सहायक कोषालय अधिकारी सुजीत कुमार पात्रे और तरला नुरूटी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।





