CG Pension रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के ‘न मांग, न जांच, न घटना’ से जुड़े सैकड़ों प्रकरण लंबे समय से लंबित होने का मामला सामने आया है। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का कहना है कि इन प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं होने के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण भी अटक रहे हैं। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्तिक लाभ प्राप्त करने में देरी हो रही है और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

CG Pension इस संबंध में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने शिक्षा विभाग और DPI को पत्र भेजकर लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की मांग की है। फेडरेशन ने कहा है कि प्रदेशभर से कर्मचारी और अधिकारी लगातार इस समस्या के समाधान की मांग संगठन के समक्ष रख रहे हैं।

CG Pension /फेडरेशन के अनुसार, शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्राचार्यों और अन्य संवर्गों के कर्मचारियों से जुड़े ‘न मांग, न जांच एवं न घटना’ संबंधी सैकड़ों मामले लंबित हैं। इन मामलों के निराकरण के अभाव में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों का समय पर निपटारा नहीं हो पा रहा है।

संगठन ने कहा है कि जीवनभर सरकारी सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन उनके जीवन-यापन का महत्वपूर्ण आधार होती है। ऐसे में पेंशन प्रकरणों का अनावश्यक रूप से लंबित रहना कर्मचारियों के लिए आर्थिक परेशानी का कारण बन रहा है।

फेडरेशन ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि लंबित न मांग, न जांच एवं न घटना संबंधी सभी प्रकरणों की जिलेवार सूची तत्काल तैयार कराई जाए। इसके बाद इनके निराकरण के लिए पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जाए।

संगठन ने प्रत्येक जिले में शिविर आयोजित कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने की मांग भी की है। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है।

फेडरेशन ने लंबित मामलों के लिए जिला और संभाग स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा उनकी नियमित समीक्षा करने की मांग रखी है। जिन मामलों में अनावश्यक देरी हुई है, उनमें संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है।

संगठन ने यह भी मांग की है कि विशेष अभियान के तहत निराकृत और लंबित प्रकरणों की प्रगति रिपोर्ट फेडरेशन को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही भविष्य में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति से पहले ही उनके पेंशन प्रकरणों की जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और अन्य स्वत्वों के भुगतान में अनावश्यक देरी न हो।