बिलासपुर/ नगर पालिक निगम ने शहर की सीमाओं में बिना पूर्व अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के नया बिजली पोल या ट्रांसफार्मर लगाने पर रोक लगा दी है। निगम आयुक्त की ओर से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के अधीक्षण अभियंता से लेकर सहायक अभियंताओं तक यह निर्देश जारी किया गया है।

निगम का तर्क है कि बिना अनुमति पोल गाड़ने से अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग में बिजली सप्लाई की सुविधा मिल जाती है। इससे नाली, सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण संबंधी योजनाओं में भी बाधा आती है। एमआईसी बैठक में फैसला लिया गया कि बिना एनओसी खंभा गाड़ने पर संबंधित बिजली अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

इस निर्देश के बाद सीएसपीडीसीएल के कार्यालयों में स्वीकृत फाइलों पर रोक लग गई है। आवेदकों को नया बिजली कनेक्शन या पोल लगवाने के लिए निगम से एनओसी लेना अनिवार्य हो गया है। बिजली अधिकारियों का कहना है कि नक्शा पास होने के बाद भी परिसर के सामने पोल लगवाने के लिए दोबारा एनओसी मांगना अनावश्यक लगता है।

जोन कार्यालयों से डिवीजनल स्तर पर भेजी जा रही फाइलें बिना एनओसी के वापस लौटाई जा रही हैं, जिससे पेंडिंग आवेदनों का अंबार लग गया है।

दोनों विभागों के बीच प्रक्रिया

नियमों के अनुसार एनओसी लेने की जिम्मेदारी विद्युत कंपनी की मानी जाती है, ताकि उपभोक्ता को परेशानी न हो। लेकिन व्यावहारिक रूप से निगम दफ्तरों में एनओसी प्रक्रिया धीमी बताई जा रही है। बिजली विभाग बिना एनओसी काम शुरू नहीं कर रहा, जबकि निगम में फाइलें लंबित रहने से नए कनेक्शन प्रभावित हो रहे हैं। बिजली अधिकारियों के अनुसार छत्तीसगढ़ के अन्य नगर निगमों में इस प्रकार का नियम लागू नहीं है।