रायगढ़। कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस ने निगरानीशुदा बदमाशों व क्राइम फाइल में शामिल अपराधियों के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। अब ऐसे लोगों को हर महीने की पहली तारीख को संबंधित थाने में पहुंचकर हाजिरी देनी होगी।

इस व्यवस्था के तहत निगरानीशुदा बदमाशों और जेल से रिहा हुए अपराधियों की क्राइम फाइल थाने में चेक की जाएगी। यदि फाइल में नया अपराध जुड़ा पाया गया तो पुलिस अलग से पूछताछ करेगी। जो लोग समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं या लौटना चाहते हैं, उनकी फाइल अलग से तैयार कर निगरानी रखी जाएगी।

रायगढ़ शहर के कोतवाली, चक्रधर नगर और जूटमिल थानों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। एक अक्टूबर को इन थानों में निगरानीशुदा बदमाशों ने हाजिरी दर्ज कराई। पुलिस ने इस दौरान उनकी मौजूदा गतिविधियों और रोजगार के बारे में भी जानकारी ली।

इससे पहले एक सितंबर को नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने चक्रधर नगर थाने में तीनों थाना क्षेत्रों के निगरानी, गुंडा और माफी बदमाशों तथा पूर्व में झगड़ा-विवाद में शामिल रहे लोगों की बैठक ली थी। बैठक में सभी को हर महीने की पहली तारीख को थाने में हाजिरी देने और जीवन-यापन के साधनों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए थे।

एक अक्टूबर को हाजिरी के दौरान सीएसपी राहुल उईके ने नवरात्र को लेकर विशेष चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शहर में गरबा, डांडिया सहित कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चियां शामिल होंगी। छेड़खानी, छींटाकशी, अभद्र व्यवहार, मारपीट या किसी भी तरह के विवाद की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।