Balrampur Paddy Scam/बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के सीजन के बीच बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध धान के काले कारोबार और वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।

थाना सनावल पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है, जो दूसरे राज्यों से सस्ता धान लाकर उसे स्थानीय किसानों के नाम पर सरकारी केंद्रों में खपाने का गौरखधंधा चला रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से न केवल भारी मात्रा में धान, बल्कि बड़ी संख्या में बैंक पासबुक, चेकबुक और कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज बरामद किए हैं, जो किसी बड़े संगठित अपराध की ओर इशारा करते हैं।

Balrampur Paddy Scam/इस बड़ी कार्रवाई की शुरुआत 26 दिसंबर की शाम करीब 8 बजे हुई, जब गश्त पर निकली राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को अवैध धान परिवहन की गुप्त सूचना मिली। टीम ने एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने गाड़ी भगा दी। काफी दूर तक पीछा करने के बाद जब पुलिस ने वाहन को घेराबंदी कर पकड़ा, तो चालक ने कबूला कि वह धान खाली करने कुर्लुडीह निवासी श्याम सुन्दर गुप्ता के घर जा रहा था। जब पुलिस की टीम ने श्याम सुन्दर के घर पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देख अधिकारी दंग रह गए। वहां अवैध धान का एक बड़ा भंडार छिपाकर रखा गया था।

तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 400 बोरी अवैध धान जब्त किया। इसके अलावा आरोपियों के पास से 1,67,100 रुपये नकद, 62 चेकबुक, 161 बैंक पासबुक, सैकड़ों की संख्या में बैंक निकासी फॉर्म, तौल पर्ची, किसान किताबें, बैंक रजिस्टर और कई डायरियां बरामद की गईं। इतनी बड़ी संख्या में पासबुक और चेकबुक का मिलना यह साबित करता है कि आरोपियों ने कई बेगुनाह किसानों के बैंकिंग डेटा पर कब्जा जमा रखा था।

पुलिस की पूछताछ में इस घोटाले की जो कार्यप्रणाली (Modus Operandi) सामने आई, वह चौंकाने वाली है। आरोपी श्याम सुन्दर गुप्ता और उसका भाई शिवम कुमार गुप्ता पड़ोसी राज्यों से कम कीमत पर धान मंगवाते थे।

उन्होंने स्थानीय किसानों को बहला-फुसलाकर या लालच देकर उनके बैंक खातों और दस्तावेजों को अपने पास रख लिया था। आरोपी पहले ही किसानों के अंगूठे के निशान निकासी फॉर्म पर ले लेते थे।

जैसे ही सरकारी केंद्रों में धान की बिक्री होती, पैसा किसानों के खाते में आता और आरोपी तुरंत उसे निकाल लेते थे। इस तरह असली किसानों को नाममात्र की राशि देकर आरोपी सरकार को मिलने वाली मोटी सब्सिडी और समर्थन मूल्य खुद हड़प रहे थे।

कानूनी शिकंजा और न्यायिक रिमांड
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों भाइयों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3, 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) व 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।Balrampur Paddy Scam/