Dantewada Cyber Fraud/दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस ने सीमा पार से संचालित होने वाले साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर एक करारा प्रहार किया है। करीब 50 लाख रुपये की डिजिटल डकैती को अंजाम देने वाले दो शातिर ठगों को पुलिस ने बिहार के चंपारण की खाक छानकर धर दबोचा है।

यह पूरी कार्रवाई किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी, जिसमें पुलिस ने 100 से अधिक बैंक खातों के मकड़जाल को सुलझाते हुए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता पाई। गिरफ्तार आरोपियों में अरविंद कुमार चौधरी और विद्या कुमार साहनी शामिल हैं, जिन्हें बिहार के पूर्वी और पश्चिम चंपारण से ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार ठगी की यह दास्तां किरंदुल निवासी एक प्रार्थी के साथ शुरू हुई, जिसे साल 2023 में एक अंजान कॉल आया। ठगों ने बड़ी ही चतुराई से उसे झांसा दिया कि उसके नाम पर एक ‘विदेशी पार्सल’ आया है जिसमें भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा (डॉलर) है।

जैसे ही प्रार्थी उनके झांसे में आया, ठगों ने डराने का खेल शुरू किया। कभी ‘कस्टम क्लीयरेंस’ के नाम पर तो कभी ‘सीबीआई’ और ‘इन्कम टैक्स’ की कार्रवाई का डर दिखाकर प्रार्थी से एक महीने के भीतर किश्तों में 50 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। जब प्रार्थी को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, तब तक काफी देर हो चुकी थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने साइबर सेल और किरंदुल पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.के. बर्मन और उप पुलिस अधीक्षक ठाकुर गौरव सिंह के नेतृत्व में जांच शुरू हुई। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन पैसों का ‘ट्रेल’ ढूंढना था।

साइबर सेल ने अत्याधुनिक साइबर फॉरेंसिक टूल्स और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन एनालिसिस की मदद ली। जांच के दौरान पुलिस ने 100 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों के लेन-देन को खंगाला। अंततः डिजिटल सुरागों के तार बिहार के चंपारण से जाकर जुड़े।Dantewada Cyber Fraud

निरीक्षक धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में दंतेवाड़ा, किरंदुल, गीदम और बचेली पुलिस की एक संयुक्त टीम बिहार रवाना हुई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीम ने घेराबंदी कर अरविंद और विद्या कुमार को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी एक बड़े गिरोह का हिस्सा हैं जो देशभर में लोगों को इसी तरह के प्रलोभन देकर अपना शिकार बनाते हैं। दोनों आरोपियों को दंतेवाड़ा लाकर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।