Chhattisgarh D.Ed Teacher Protest/छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का तूता धरना स्थल रविवार को एक बार फिर संघर्ष की आग में झुलस उठा। पिछले 20-22 दिनों से नियुक्ति की आस में कड़ाके की ठंड और भूख से लड़ रहे डीएड (D.Ed) प्रशिक्षित शिक्षकों का धैर्य जवाब दे गया, जिसके बाद उन्होंने रविवार दोपहर मुख्य मार्ग पर जोरदार चक्काजाम कर दिया।

यह उग्र कदम शुक्रवार रात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ हुई चर्चा के विफल होने के बाद उठाया गया है। स्थिति उस समय और भी भावुक हो गई जब चक्काजाम स्थल पर आंदोलन का नेतृत्व कर रही एक शिक्षिका, गीतांजलि कौशिक, भूख और कमजोरी के कारण सड़क पर ही मूर्छित होकर गिर पड़ीं।

मौके पर एम्बुलेंस न होने के कारण पुलिस की गाड़ी से ही उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाना पड़ा, जो प्रशासन की व्यवस्थाओं पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।

प्रदेश में 2300 सहायक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद से ही डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थी रिक्त पदों पर नियुक्ति और छठवीं चयन सूची (6th List) जारी करने की मांग को लेकर डटे हुए हैं।

माना-तूता के मैदान में हाड़ कंपाने वाली ठंड के बीच करीब डेढ़ सौ अभ्यर्थी ‘आमरण अनशन’ पर बैठे हैं। अन्न-जल का त्याग कर चुके इन युवाओं की शारीरिक स्थिति अब जवाब देने लगी है। शनिवार और रविवार के बीच दर्जनभर से अधिक अभ्यर्थियों की तबीयत इस कदर बिगड़ी कि उन्हें ड्रिप चढ़ानी पड़ी।

विडंबना यह है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार और ड्रिप चढ़वाने के तुरंत बाद ये अभ्यर्थी हार मानने के बजाय वापस अनशन स्थल पर पहुँच रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी नियुक्ति के आदेश जारी नहीं होते, वे पीछे नहीं हटेंगे।

इस पूरे मामले में अब कर्मचारी संगठनों का समर्थन भी आंदोलनकारियों को मिलने लगा है। प्रमुख कर्मचारी नेता विजय कुमार झा ने आंदोलन स्थल पर पहुँचकर शिक्षकों की मांगों का समर्थन किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से कड़े शब्दों में अपील की है कि उच्च न्यायालय (High Court) के आदेशों का सम्मान करते हुए डीएड प्रशिक्षित शिक्षकों को अविलंब नियुक्ति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवाओं का इस तरह सड़क पर बैठना और बीमार होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है। शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें केवल आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि धरातल पर उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाया जा रहा है।