Rajasthan Vidhansabha/जयपुर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने सोलहवीं राजस्थान विधान सभा के ‌तृतीय सत्र को सोमवार, 24 मार्च को सायं 08:26 बजे अनिश्चितकाल के लिए राष्‍ट्र गान के साथ स्थगित किया।

श्री देवनानी ने कहा कि राजस्‍थान विधान सभा के इस सत्र से सदन को पेपरलेस चलाने की शुरूआत हुई। सदन में आईपैड के साथ सदन को गुलाबी शहर की तर्ज पर गुलाबी रंग के नये कलेवर में तैयार किया गया। श्री देवनानी ने सोलहवीं विधान सभा के सभी सदस्‍यों का आव्‍हान किया कि सभी मिलकर राजस्‍थान विधान सभा को देश की आदर्श विधान सभा बनाने में सक्रिय भूमिका निभायें।

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95 प्रतिशत प्रश्‍नों के उत्‍तर प्राप्‍त हुये:- श्री देवनानी ने कहा कि इस सत्र में विधायकों से कुल 9800 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से तारांकित प्रश्न 4480, अतारांकित प्रश्न 5302 एवं अल्प सूचना प्रश्न 18 हैं। कुल 516 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हुए, जिनमें से 288 प्रश्न मौखिक रूप से पूछे गये एवं उनके उत्तर दिये गये।

इसी तरह 576 अतारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हुए। उन्‍होंने कहा कि विगत सत्र में विधायकों से कुल 8088 प्रश्न प्राप्त हुए थे, जिनमें से तारांकित प्रश्न 3810 एवं अतारांकित प्रश्न 4278 थे, जिनमें से कुल 420 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हुए, 268 प्रश्न मौखिक रूप से पूछे गये एवं उनके उत्तर दिये गये। इसी तरह 426 अतारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हुये थे। श्री देवनानी ने कहा कि सोलहवीं राजस्थान विधान सभा के प्रथम एवं द्वितीय सत्र में प्राप्त कुल 10,049 प्रश्नों में से अब तक 9453 के उत्तर प्राप्त हो चुके है और 596 शेष रहे हैं। 95 प्रतिशत प्रश्‍नों के उत्‍तर प्राप्‍त हो गये है और शेष भी जल्‍द ही प्राप्‍त हो जायेंगे। राजस्‍थान विधान सभा के अभी तक के सत्रों में यह सर्वाधिक है।

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नियम 50- श्री देवनानी ने कहा कि नियम 50 के अंतर्गत कुल 231 स्थगन प्रस्तावों की सूचना प्राप्त हुई। इनमें से 71 स्थगन प्रस्तावों पर सदन में बोलने का अवसर दिया गया तथा 63 विधायकों ने अपने विचार रखे। उन्‍होंने सदन को अवगत कराया कि विगत सत्र में प्रक्रिया नियम 50 के अन्तर्गत कुल 194 स्थगन प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से 54 प्रस्तावों पर सदन में बोलने का अवसर दिया गया था।

नियम 295:- श्री देवनानी ने कहा कि प्रक्रिया के नियम-295 के अंतर्गत 337 विशेष उल्लेख के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से 293 विशेष उल्लेख की सूचनाएं सदन में पढ़ी गई या पढ़ी हुई मानी गई तथा 92 सूचनाओं के संबंध में राज्य सरकार से जानकारी प्राप्त हुई है। विशेष उल्लेख की 40 सूचनाएं विधायकों के सदन में अनुपस्थित होने के कारण व्यपगत हुई।

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श्री देवनानी ने कहा कि विगत सत्र में प्रक्रिया नियम 295 के अन्तर्गत 280 विशेष उल्लेख के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से 255 सूचनाओं को सदन में पढ़ा गया या पढ़ा हुआ माना गया था तथा 245 सूचनाओं के संबंध में राज्य सरकार से जानकारी प्राप्त हो चुकी। विशेष उल्लेख की 25 सूचनाएं विधायकों के सदन में अनुपस्थित होने के कारण व्यपगत हुई थी।

पर्ची:- श्री देवनानी ने कहा कि विधायकों द्वारा कुल 767 पर्चियां प्राप्त हुई। जिनमें से शलाका द्वारा कुल 84 पर्चियां चयनित हुई व संबंधित विधायकों ने अपने विचार सदन के समक्ष रखें। उन्‍होंने कहा कि विगत सत्र में विधायकों द्वारा कुल 808 पर्चियां प्राप्त हुई। जिनमें से शलाका द्वारा कुल 72 पर्चियां चयनित हुई व संबंधित विधायकों ने अपने विचार सदन के समक्ष रखें।

ध्‍यानाकर्षण प्रस्‍ताव:- श्री देवनानी ने कहा कि प्रक्रिया के नियम-131 के अंतर्गत 811 प्रस्तावों की सूचनाएं प्राप्त हुई। जिनमें से 07 प्रस्ताव अग्राह्य किये गए। राज्य सरकार को तथ्यात्मक जानकारी के लिये 804 प्रस्ताव प्रेषित किये गये, जिनमें से 400 प्रस्तावों के उत्तर प्राप्त हो चुके है। सदन में संबंधित मंत्री का ध्यान आकर्षित करने हेतु कुल 28 प्रस्ताव कार्य सूची में सूचीबद्ध किये गये। उन्‍होंने सदन को अवगत कराया कि विगत सत्र में प्रक्रिया के नियम-131 के अंतर्गत 748 प्रस्तावों की सूचनाएं प्राप्त हुई थी। जिनमें से 14 प्रस्ताव अग्राह्य किये गए। राज्य सरकार को तथ्यात्मक जानकारी के लिये 734 प्रस्ताव प्रेषित किये गये, जिनमें से 689 प्रस्तावों के उत्तर प्राप्त हो चुके हैं।

आय-व्ययक अनुमान पर एक दिवस अधिक चर्चा:- श्री देवनानी ने कहा कि आय-व्ययक अनुमान वर्ष 2025-26 गत 19 फरवरी को सदन में उपस्थापित किया गया, जिस पर गत सत्रों से एक दिवस अधिक अर्थात 5 दिन सामान्य वाद-विवाद के लिए नियत किये गये, जिसमें 96 विधायकों ने भाग लिया। 27 फरवरी को उप मुख्यमंत्री ने परिवर्तित आय-व्ययक पर हुए वाद-विवाद का राज्य सरकार की ओर से उत्तर दिया।

श्री देवनानी ने कहा कि विभागों से संबंधित 64 अनुदानों की माँगों में से अब तक सर्वाधिक 17 अनुदान की मांगों पर सदन में चर्चा हेतु 8 दिवस नियत किये गये। अनुदान की मांगों पर 4319 कटौती प्रस्तावों की सूचना प्राप्त हुई, जिसमें से 3789 कटौती प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किये गये एवं 530 कटौती प्रस्ताव अग्राह्य किये गये। अनुदानों की मांगों पर हुई चर्चा में कुल 349 सदस्यों ने भाग लिया।

विधायी कार्य:- श्री देवनानी ने कहा कि वर्तमान सत्र में कुल 12 विधेयक पुरःस्थापित किये जाकर 10 विधेयक सदन द्वारा पारित किये गये तथा 3 विधेयक प्रवर समिति को सुपुर्द किये गए। विधेयकों पर माननीय सदस्यों से कुल 210 संशोधन प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 39 संशोधन प्रस्ताव सचिवालय स्तर पर अग्राह्य एवं 171 संशोधन स्वीकार किये गये। उन्‍होंने अवगत कराया कि विगत सत्र में कुल 5 विधेयक पुरःस्थापित किये जाकर 3 विधेयक सदन द्वारा पारित किये गये तथा 1 विधेयक प्रवर समिति को सुपुर्द किये गए। विधेयकों पर विधायकों से कुल 37 संशोधन प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 5 संशोधन प्रस्ताव सचिवालय स्तर पर अग्राह्य एवं 32 संशोधन स्वीकार किये गये।

याचिकायें व प्रतिवेदन:- श्री देवनानी ने कहा कि सदन में 55 याचिकाएं विधायकों द्वारा उपस्थापित की गई। विगत सत्र में विधायकों द्वारा 19 याचिकाएं उपस्थापित हुई। श्री देवनानी ने कहा कि सत्र में विभिन्न समितियों के कुल 17 प्रतिवेदन सदन में उपस्थापित किये गये। उन्‍होंने अवगत कराया कि विगत सत्र में विभिन्न समितियों के कुल 20 प्रतिवेदन सदन में उपस्थापित किये गये।

तीन सत्र चलाये जाने की मंशा जताई:- श्री देवनानी ने सदन को संबोधित करते हुये कहा कि लोक सभा में तीन सत्र होते हैं तथा अन्‍य विधान सभाओं में भी तीन सत्र होने लगे हैं, उसी भांति राजस्‍थान विधान सभा में भी तीन सत्र चलें। उन्‍होंने कहा कि यदि हम ऐसा करेंगे तो सभी विधायकों को सदन में अधिक भाग लेने की अनुमति मिल सकेगी।

विधान सभा अध्‍यक्ष ने जताया आभार:- श्री देवनानी ने विधायकों, सभापति तालिका के सदस्यों, सदन के नेता, नेता प्रतिपक्ष, सरकारी मुख्य सचेतक, विधान सभा के अधिकारियों, कर्मचारियों, राज्य सरकार के समस्त विभागीय प्रतिनिधियों, पुलिस विभाग के समस्‍त अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडियाकर्मियों को उनके द्वारा दिये गये सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

2841 लोगों ने देखी सदन की कार्यवाही:- विधान सभा अध्‍यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने बताया कि सोलहवीं राजस्‍थान विधान सभा के तृतीय सत्र की कार्यवाही को 2841 लोगों ने सदन की दर्शक दीर्घा में बैठकर देखा। श्री देवनानी ने बताया कि राजस्‍थान विधान सभा के राजनैतिक आख्‍यान संग्रहालय को 14 हजार लोगों ने देखा है।