बिलासपुर…. शासकीय सेवा में अनुशासनहीनता और ड्यूटी के प्रति लापरवाही एक सहायक शिक्षक को भारी पड़ गई। शासकीय प्राथमिक शाला सोनपुरी, विकासखंड कोटा में पदस्थ सहायक शिक्षक अभिमन्यु मरकाम को जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षक पर लंबे समय तक बिना अवकाश स्वीकृति के स्कूल से अनुपस्थित रहने के साथ ही शराब के नशे में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अभद्र व्यवहार करने और शासकीय काम में बाधा डालने का आरोप है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी निलंबन आदेश के मुताबिक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कोटा की ओर से प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन और संबंधित अभिलेखों की जांच में सामने आया कि अभिमन्यु मरकाम 15 जुलाई से 7 सितंबर 2026 तक बिना अवकाश स्वीकृति के अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे।

मामला यहीं नहीं रुका। जांच प्रतिवेदन के अनुसार 7 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे अभिमन्यु मरकाम विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोटा पहुंचे। वहां उन्होंने सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी से बातचीत के दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। स्थिति की सूचना थाना कोटा को दी गई और उन्हें चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया। मुलाहिजा रिपोर्ट में शराब के नशे की पुष्टि होने की बात भी निलंबन आदेश में दर्ज है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश में कहा है कि बिना अनुमति विद्यालय से अनुपस्थित रहना और कार्यालय में नशे की हालत में पहुंचकर कर्मचारियों से अनुचित भाषा का प्रयोग करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालना कर्तव्य के प्रति लापरवाही तथा शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय आचरण है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत माना गया है।

जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9 के तहत अभिमन्यु मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, तखतपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।