promotion time scale/छत्तीसगढ़ में इन दिनों सरकारी कर्मचारियों और विशेषकर शिक्षकों के बीच भारी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। शासन द्वारा 9 जून 2026 को जारी एक आदेश ने प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को ऐसे ‘धर्मसंकट’ में डाल दिया है, जहां एक गलत फैसला उनके पूरे करियर की कमाई और पेंशन पर असर डाल सकता है। मामला क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान के बीच किसी एक विकल्प को चुनने का है, लेकिन सरकारी आदेश की पेचीदगियों और तकनीकी खामियों ने इस पूरी प्रक्रिया को विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है।

promotion time scale/सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के निर्देशानुसार, 31 मार्च 2026 तक नियुक्त सभी कर्मचारियों को 9 जुलाई 2026 तक यह तय करना है कि वे क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ लेना चाहते हैं या समयमान वेतनमान का। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एक बार चुना गया विकल्प ‘अंतिम और अपरिवर्तनीय’ होगा, यानी इसे भविष्य में बदला नहीं जा सकेगा। लेकिन असली विवाद आदेश के बिंदु क्रमांक-7 को लेकर है, जिसमें कहा गया है कि जिन विभागों में समयमान वेतनमान लागू नहीं है, वहां विभाग वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजेंगे। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब किसी पद के लिए समयमान वेतनमान अभी स्वीकृत ही नहीं हुआ है, तो कर्मचारी उसका विकल्प कैसे चुन सकते हैं?

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इस विसंगति का सबसे बड़ा शिकार ‘सहायक शिक्षक’ संवर्ग हो रहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के मुताबिक, सहायक शिक्षकों के लिए आज तक त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान की स्वीकृति जारी ही नहीं हुई है। वर्ष 2010, 2011 और 2018 में आए विभिन्न संशोधनों में भी इस संवर्ग को इस लाभ से वंचित रखा गया था। ऐसी स्थिति में सहायक शिक्षकों के पास दो ही रास्ते बचते हैं और दोनों ही नुकसानदेह नजर आ रहे हैं। यदि वे क्रमोन्नति चुनते हैं, तो उन्हें तीसरे उच्चतर वेतनमान का लाभ नहीं मिलेगा और यदि वे समयमान का विकल्प देते हैं, तो वर्तमान नियमों के तहत उन्हें इसका पात्र ही नहीं माना जाएगा क्योंकि उनके लिए यह योजना अभी अस्तित्व में ही नहीं है।

promotion time scale/इस गंभीर मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को पत्र लिखकर इस आदेश को ‘व्यावहारिक रूप से दुविधापूर्ण’ बताया है। फेडरेशन का तर्क है कि जब तक सहायक शिक्षकों के लिए त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्पष्ट रूप से स्वीकृत नहीं हो जाता, तब तक उनसे अंतिम विकल्प भरवाना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। इससे न केवल कर्मचारियों का आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि भविष्य में अदालती और प्रशासनिक विवादों की बाढ़ आ सकती है।

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शिक्षक संगठनों ने अब सरकार से पुरजोर मांग की है कि विकल्प चुनने की 9 जुलाई की अंतिम तिथि को तब तक के लिए आगे बढ़ाया जाए, जब तक कि सभी संवर्गों के लिए समयमान वेतनमान की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट न हो जाए। कर्मचारियों का कहना है कि शासन को पहले उन पदों के लिए समयमान वेतनमान स्वीकृत करना चाहिए जो अब तक इससे बाहर हैं, और उसके बाद ही विकल्प की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 9 जून 2026 को जारी आदेश में कहा था कि 31 मार्च 2026 तक नियुक्त सभी शासकीय कर्मचारियों को क्रमोन्नति वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान में से जो अधिक लाभकारी हो, उसका विकल्प 9 जुलाई 2026 तक सक्षम अधिकारी को देना होगा। यह विकल्प अंतिम और बाद में बदला नहीं जा सकेगा।

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लेकिन इसी आदेश के बिंदु क्रमांक-7 में यह भी कहा गया है कि जिन विभागों के पद अभी समयमान वेतनमान योजना में शामिल नहीं हैं, उनके लिए संबंधित विभाग वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजेंगे।

यहीं से कर्मचारियों और शिक्षकों की उलझन शुरू हो गई। सवाल यह है कि जिस योजना का लाभ अभी स्वीकृत ही नहीं हुआ है, उसका विकल्प कर्मचारी कैसे चुनें?

शिक्षक फेडरेशन का कहना है कि सहायक शिक्षक संवर्ग के लिए आज तक त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत नहीं हुआ है।

फेडरेशन के अनुसार—

  • वर्ष 2010 और 2011 में वित्त विभाग द्वारा जारी आदेशों में सहायक शिक्षक पद को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया।
  • वर्ष 2018 में जारी संशोधित आदेश का लाभ भी सहायक शिक्षक संवर्ग को नहीं मिल पाया।
  • ऐसे में यदि सहायक शिक्षक समयमान वेतनमान का विकल्प चुनते हैं तो उन्हें उसका लाभ नहीं मिलेगा।
  • वहीं यदि वे क्रमोन्नति योजना चुनते हैं तो उन्हें अन्य कर्मचारियों की तरह तीसरे उच्चतर वेतनमान का लाभ नहीं मिल सकेगा।

यानी दोनों ही विकल्पों में सहायक शिक्षक नुकसान की स्थिति में हैं।

शिक्षक फेडरेशन ने शासन को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने मुख्य सचिव एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को विस्तृत पत्र भेजकर इस पूरे मामले में तत्काल स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि शासन का वर्तमान आदेश व्यावहारिक रूप से दुविधापूर्ण है और इससे भविष्य में बड़ी संख्या में वित्तीय एवं प्रशासनिक विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।

फेडरेशन ने यह भी कहा है कि जब तक सहायक शिक्षक संवर्ग के लिए त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत नहीं हो जाता, तब तक उनसे अंतिम विकल्प भरवाना उचित नहीं होगा।

अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग/promotion time scale

शिक्षक फेडरेशन ने शासन से मांग की है कि—

  • सहायक शिक्षक संवर्ग के लिए पहले त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत किया जाए।
  • उसके बाद ही विकल्प भरने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
  • विकल्प जमा करने की अंतिम तिथि भी बढ़ाई जाए ताकि किसी कर्मचारी का भविष्य प्रभावित न हो।

क्या पड़ सकता है असर?

यदि शासन जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं करता है, तो प्रदेश के हजारों शिक्षक और कर्मचारी गलत विकल्प चुनने या विकल्प नहीं दे पाने की स्थिति में भविष्य के वेतनमान और वित्तीय लाभ से वंचित हो सकते हैं। यही कारण है कि यह मुद्दा अब केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं रहकर पूरे कर्मचारी वर्ग के लिए चिंता का विषय बन गया है।

पढ़िये राजेश चटर्जी का जीएडी सेकरेट्री को भेजा गया पत्र

प्रति,
श्री रजत कुमार जी
सचिव
सामान्य प्रशासन विभाग
(नियम शाखा)
छत्तीसगढ़
विषय:- सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रचलित क्रमोन्नति योजनाओं का वित्त विभाग के प्रचलित समयमान वेतनमान में समाहित करने संबंधी।
संदर्भ:- छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग (नियम शाखा) मंत्रालय,महानदी भवन, नवा रायपुर,अटल नगर का आदेश क्रमांक RULE/81/2026-GAD-3 नवा रायपुर,दिनांक 09-06-2026

महोदय,
लेख है कि संदर्भित आदेश द्वारा दिनांक 31.03.2026 तक नियुक्त शासकीय सेवक को क्रमोन्नत वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान जो भी लाभप्रद हो,किसी के योजना का चयन करने का विकल्प दिनांक 09/07/2026 तक सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत करना है।जोकि अंतिम एवं अपरिवर्तनीय होगा।
आदेशानुसार विकल्प को सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित कर सेवा अभिलेख में दर्ज व चस्पा करना होगा।
अवगत होवें कि “सहायक शिक्षक” पद पर सेवा में प्रवेश हुए संवर्ग को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृति का आदेश वित्त विभाग द्वारा आज पर्यन्त नहीं हुआ है।
उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक 216/सी-2802/10/वित्त/नियम/चार/रायपुर 4 अगस्त 2010 (स्कूल शिक्षा विभाग) तथा क्रमांक 41/सी-31653/10/वित्त/नियम/चार/रायपुर 22 फरवरी 2011(अजाक विभाग) के परिशिष्ट-2 में सहायक शिक्षक पद सहित क्रमशः उच्चतर वेतनमान का उल्लेख नहीं है।
अवगत होवें कि वित्त विभाग मंत्रालय नवा रायपुर का आदेश क्रमांक 401/एल /2018-71-00727/वित्त/नियम//चार नया रायपुर दिनांक 8/8/2018 का लाभ सहायक शिक्षक संवर्ग को नहीं मिला है।
ऐसे स्थिति में सहायक शिक्षक पद पर प्रथम नियुक्त हुए शिक्षक विकल्प कैसे भरे,यह दुविधापूर्ण है ?
अतः सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रचलित क्रमोन्नति योजनाओं का वित्त विभाग के प्रचलित समयमान वेतनमान में समाहित करने संबंधी आदेश 9 जून 26 आदेश दुविधापूर्ण नहीं है ? जिस पर विचार करना आवश्यक है।
आपको विदित है कि शासकीय कर्मचारियों के लिए क्रमोन्नति योजना मध्यप्रदेश शासन द्वारा शासकीय सेवा में प्रथम नियमित नियुक्ति से एक ही वेतनमान में 12 एवं 24 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने की स्थिति में क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत किया गया था। जोकि 19/4/99 से प्रभावशील था। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ के आदेश 24/4/2006 के द्वारा सहायक शिक्षक वेतनमान 4000-6000 ग्रेड पे 2400 को 12 एवं 24 वर्ष में क्रमशः 5000-8000 (ग्रेड पे 4200) तथा 5500-9000 (ग्रेड पे 4300) स्वीकृत हुआ था।साथ ही,शिक्षक 5000-8000 को 5500-9000,व्याख्याता 5500-9000 को 6500-10500 तथा 7500-12500 का क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत हुआ था।
वित्त विभाग छत्तीसगढ़ शासन का आदेश 28 अप्रैल 2008 (वित्त निर्देश 11/2008) के द्वारा तत्समय प्रभावशील क्रमोन्नति योजना को संशोधित कर 1 अप्रैल 2006 से समयमान वेतन योजना लागू किया गया था। परिशिष्ट-1 में प्रारंभिक वेतनमान 4000-6000 (5200-20200+2400) का प्रथम उच्चतर वेतनमान 4500-7000 (5200-20200 +2800) तथा द्वितीय उच्चतर वेतनमान 5000-8000 (9300-34800 +4200) है। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश 24/4/2006 के द्वारा शिक्षक संवर्ग सहायक शिक्षक का वेतनमान 4000-6000 ग्रेड पे 2400 को 12 एवं 24 वर्ष में क्रमशः 5000-8000 (ग्रेड पे 4200) तथा 5500-9000 (ग्रेड पे 4300) स्वीकृत हुआ था। सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश 10/3/2017 द्वारा 10 वर्ष एवं 20 वर्ष पश्चात प्रथम एवं द्वितीय क्रमोन्नति स्वीकृत हुआ था।
विचारणीय है कि यदि सहायक शिक्षक क्रमोन्नति योजना का विकल्प लेता है तो उसे अन्य शासकीय सेवक के समान तृतीय उच्चतर वेतनमान का लाभ नहीं मिलेगा। यदि समयमान योजना का विकल्प लेता है तो उसे स्वीकृत नहीं होगा क्योंकि सहायक शिक्षक को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ स्वीकृत ही नहीं हुआ है। ऐसे स्थिति में क्रमोन्नत/समयमान वेतनमान का विकल्प लेना संभव ही नहीं है।जबकि उच्च वर्ग शिक्षक,व्याख्याता,प्राचार्य को समयमान वेतनमान का लाभ पूर्व स्वीकृत है।उल्लेखनीय है कि समयमान वेतनमान के लाभ हेतु सेवाकाल की गणना सेवा में प्रवेश की तिथि से किया जाता है।
अतः सहायक शिक्षक संवर्ग को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत होने के पश्चात ही विकल्प लेने अंतिम तिथि में वृद्धि किया जाना उचित होगा। उल्लेखनीय है कि सहायक शिक्षक संवर्ग को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत करने अनेकों बार ज्ञापन शासन स्तर पर दिया गया है। जिसपर निर्णय नहीं हो पाया है!
विशेष उल्लेखनीय है कि संदर्भित आदेश के कारण अनेक वित्तीय प्रकरण उत्पन्न होंगे।
समुचित निर्णय लेने हेतु सादर अपेक्षा सहित
राजेश चटर्जी
प्रांताध्यक्ष
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन