सीतापुर। नगर पंचायत की नीलामी में महज 500 रुपये में खरीदी गई गाय के कथित वध का मामला सामने आने के बाद सीतापुर पुलिस ने दो ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के पहुंचते ही मौके पर मौजूद तीन लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। जंगल से पुलिस ने कथित मांस, पशु अवशेष और एक टांगी बरामद करने का दावा किया है। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

घटना रविवार देर शाम ग्राम रजौटी के सान्याघुटरी जंगल की बताई जा रही है। सीतापुर पुलिस को सूचना मिली थी कि जंगल में कुछ लोग एक गाय को काटकर उसका मांस तैयार कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, टीम को देखते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे। पीछा करने पर दो लोगों को पकड़ लिया गया, जबकि तीन अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर निकल गए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रजौटी निवासी अजय कुमार कुजूर और रंजीत कुजूर के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से एक टांगी के साथ कथित मांस और कटे हुए पशु के अवशेष जब्त किए हैं। फरार आरोपियों में ग्राम गुरगुमा निवासी विवेक खलखो समेत दो अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।

पुलिस पूछताछ में यह जानकारी सामने आयी है कि पशु के कथित वध के बाद मांस का आपस में बंटवारा किया गया था। पुलिस को यह भी पता चला है कि बचा हुआ मांस बेचने की तैयारी थी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच और जब्त सामग्री की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 325 और 3(5) के साथ छत्तीसगढ़ के लागू कृषक पशु परिरक्षण कानून की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

मामले का एक अहम पहलू यह भी सामने आया है कि जिस गाय के कथित वध की बात कही जा रही है, उसे नगर पंचायत सीतापुर की नीलामी में खरीदा गया था। पुलिस के अनुसार, आवारा मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस में रखने के बाद नगर पंचायत ने उनकी नीलामी की थी। इसी नीलामी में ग्राम गुरगुमा निवासी विवेक खलखो ने संबंधित गाय को 500 रुपये में खरीदा था।

पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि नीलामी में खरीदे गए पशु को जंगल तक कैसे ले जाया गया और इस मामले में फरार तीन लोगों समेत अन्य किसी की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।