बिलासपुर।CG: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्ति के मुहाने पर खड़े सरकारी कर्मचारियों की पदस्थापना को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत देने वाला फैसला सुनाया है.

बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस बी.डी. गुरु की एकल पीठ ने आबकारी विभाग के एक हेड कांस्टेबल की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति से ठीक पहले कर्मचारियों को उनकी पसंद या गृह जिले में पदस्थापना का लाभ मिलना चाहिए.

अदालत ने याचिकाकर्ता को 15 दिनों के भीतर उसके गृह जिले बिलासपुर में पदस्थ करने के सख्त आदेश जारी किए हैं.

यह मामला आबकारी विभाग में पदस्थ हेड कांस्टेबल नेल्सन लवेट से जुड़ा हुआ है, जो वर्तमान में रायगढ़ जिले में कार्यरत हैं और जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं. याचिकाकर्ता ने अपनी खराब पारिवारिक स्थिति, पत्नी के निरंतर इलाज और सेवानिवृत्ति के नियमों का हवाला देते हुए गृह जिले बिलासपुर में तबादले के लिए विभाग के समक्ष कई बार अभ्यावेदन प्रस्तुत किए थे.

बार-बार गुहार लगाने और 20 नवंबर 2025 के अदालती निर्देशों के बावजूद जब विभागीय अधिकारियों ने उनके आवेदनों पर कोई निर्णय नहीं लिया, तब उन्होंने पुनः हाईकोर्ट की शरण ली.

सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय के कानून अधिकारी ने तर्क दिया कि 5 जून 2025 की स्थानांतरण नीति आबकारी, पुलिस, परिवहन, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग पर सीधी लागू नहीं होती.

सरकार का पक्ष था कि नीति की कंडिका 3.12 के तहत गृह जिले में पदस्थापना का दावा कोई कानूनी अधिकार नहीं है और यह पूरी तरह प्रशासनिक विवेकाधिकार का विषय है.

हालांकि, हाईकोर्ट ने राज्य के इस तर्क को खारिज कर दिया और कहा कि सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को पूर्व में भी उनकी पसंद या गृह जिले में पदस्थापना का लाभ दिया जाता रहा है, इसलिए याचिकाकर्ता के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता.

अदालत ने नेल्सन लवेट की सेवा पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता 1993 से सेवा में हैं और रायगढ़ में लंबे समय से पदस्थ रहकर कई बार अधिकारियों को अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत करा चुके हैं.

ऐसे में जब सेवानिवृत्ति का समय अत्यंत निकट है, तो उन्हें राहत न देना अनुचित है. हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी को निर्देश दिया है कि वे आदेश की प्रति प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता को उसके गृह जिले बिलासपुर में पदस्थ करने संबंधी आवश्यक आदेश अनिवार्य रूप से जारी करें.