रायपुर /छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। रविवार सुबह एसीबी-ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीमों ने तड़के राज्यभर में लगभग 18 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। यह कार्रवाई आबकारी विभाग और जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से जुड़े मामलों की जांच को आगे बढ़ाते हुए की गई है।

सूत्रों के अनुसार, रायपुर में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के निवास सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां जांच अधिकारी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रहे हैं। रायपुर में ही हरपाल अरोरा के घर पर भी कार्रवाई हुई है।

सरगुजा में कई ठिकानों पर दबिश
सरगुजा में EOW-ACB की टीम ने पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद और सत्तीपारा निवासी सप्लायर अमित अग्रवाल के परिसर में छापा मारा। यहां टीम ने लेनदेन, विभागीय दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले।

अंबिकापुर और कोंडागांव में भी छापेमारी
छापेमारी सिर्फ रायपुर या सरगुजा तक सीमित नहीं थी।

अंबिकापुर, कोंडागांव और कई अन्य जिलों में भी अलग-अलग टीमों ने दबिश दी। हर स्थान पर अधिकारियों ने संभावित साक्ष्यों, डिजिटल डेटा और लेनदेन संबंधी कागजात की जांच की। हालांकि, कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि एसीबी अधिकारियों की ओर से अभी नहीं की गई है।

पहले भी DMF घोटाले में हुई थी बड़ी कार्रवाई
29 अक्टूबर को DMF घोटाले से जुड़े सप्लायरों के 14 ठिकानों पर एसीबी और ईओडब्ल्यू ने रेड की थी। रायपुर में वॉलफोर्ट इन्क्लेव स्थित अशोक और अमित कोठारी के घर रेड की गई थी।

राजनांदगांव, दुर्ग और धमतरी में भी सप्लायरों और कारोबारियों के यहां कार्रवाई की गई थी।

इसी तरह 19 नवंबर को भी 7 जिलों के 19 स्थानों पर बड़ी छापेमारी हुई थी, जहां पटवारी से RI बने दो अधिकारियों को रायपुर से गिरफ्तार किया गया था। उन पर मोटी रकम लेकर पेपर लीक कराने और तैयारी करवाने का आरोप था।