बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर के ग्राम सेवती में खेत में टूटकर गिरे एलटी लाइन की चपेट में आने से कोटवार की मौत हो गई। तार में करंट दौड़ रहा था। करंट की चपेट में आने से कोटवार की मौके पर ही मौत हो गई।

दुखद ये कि पांच दिन तक कोटवार का शव खेत पर ही पड़ा रहा। परिजन उसे लापता समझकर तलाश करते रहे। बिजली लाइन सुधारने पहुंचे कर्मचारियों ने खेत में शव देखा, तब इस भयावह हादसे की जानकारी ग्रामीणों व परिजनों को मिली। घटना बिल्हा थाना क्षेत्र की है।

ग्राम सेवती निवासी कमलदास (30) कोटवार था। जवान बेटे की मौत से परिवार सदमे में है। परिजनों ने बिजली विभाग की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों के मुताबिक, 30 सितंबर की सुबह वह फसल देखने के लिए खेत गया था।

देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने रिश्तेदारों से पूछा, कुछ जानकारी नहीं मिलने पर आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की। कोई सुराग नहीं मिलने पर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस तलाश में जुटी रही।

4 अक्टूबर को बिजली कर्मचारी टूटे तार की मरम्मत करने खेत पहुंचे। इसी दौरान उनकी नजर औंधे मुंह पड़े एक व्यक्ति के शव पर पड़ी। शव काफी हद तक गल चुका था और बिजली के तार से चिपका हुआ था। कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

बिल्हा पुलिस मौके पर पहुंची। शव की पहचान कमलदास के रूप में हुई है। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स भेज दिया।

थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग ने बताया कि शव पुराना होने के कारण सड़ चुका था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह स्पष्ट होगी।

ग्रामीणों के मुताबिक, खेत बरतोरी क्षेत्र में आता है। टूटे तार की जानकारी बरतोरी के जेई रोशन श्रीवास को करीब 10 दिन पहले दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद बिजली लाइन की मरम्मत में देरी हुई।

जेई रोशन श्रीवास ने इस आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि 4 अक्टूबर को ग्रामीण कार्यालय पहुंचे और एलटी लाइन टूटने की जानकारी दी। उसी दिन कर्मचारियों को सुधार के लिए खेत भेजा गया था। वहां कमलदास का शव मिला।