बिलासपुर…खपरगंज हिंसक विवाद मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी राम सिंह ठाकुर को आखिरकार पुलिस ने मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से गिरफ्तार कर लिया। मकरी कुठार गांव में दोस्त के यहां छिपे राम सिंह तक पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पहुंची। गिरफ्तारी के बाद शनिवार को उसे जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। पेशी के दौरान न्यायालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इसके बाद न्यायिक रिमांड पर उसे केंद्रीय जेल भेज दिया गया।

राम सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को आशंका थी कि न्यायालय में पेशी और जेल दाखिले के दौरान विरोध की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए पुलिस ने पहले से सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया था। न्यायालय परिसर से लेकर जेल तक पुलिस बल की तैनाती रही। पुलिस की मौजूदगी में राम सिंह को न्यायालय में पेश किया गया और वहां से सुरक्षित जेल पहुंचाया गया।

पन्ना में मिला ठिकाना, साक्ष्यों से पहुंची पुलिस

खपरगंज विवाद के बाद राम सिंह ठाकुर फरार चल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। इसी दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मिली। एसीसीयू की टीम ने मकरी कुठार गांव में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

बिलासपुर लाने के बाद शनिवार को उसे जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई पेशी के बाद अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।

अदालत से जेल तक पुलिस का घेरा

राम सिंह को जेल ले जाते समय पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। जेल के आसपास भी अतिरिक्त बल तैनात किया गया। इसी बीच उसके जेल पहुंचने की खबर मिलते ही समर्थक बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। समर्थकों ने नारेबाजी की और जय श्रीराम के नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आसपास निगरानी बढ़ा दी।

हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के चलते किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। न्यायालय से लेकर जेल तक पूरी कार्रवाई पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच पूरी कराई गई।

एसएसपी..कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि राम सिंह की गिरफ्तारी तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि खपरगंज मामले में पुलिस ने अब तक दोनों पक्षों से करीब 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की विवेचना अभी जारी है और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस जुटाए जा रहे हैं।

एसएसपी के मुताबिक जब्त किए गए साक्ष्यों को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है। एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद विवेचना को अंतिम रूप देकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कप्तान ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के बाद फरार होना कानून से बच निकलने का रास्ता नहीं है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच रही है। उनका संदेश साफ है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

करीब 30 गिरफ्तार, जांच अभी बाकी

खपरगंज विवाद मामले में अब तक दोनों पक्षों से करीब 30 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि पुलिस की विवेचना अभी पूरी नहीं हुई है। घटनाक्रम से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है और जब्त सामग्री को एफएसएल भेजा गया है।

फिलहाल मुख्य आरोपी राम सिंह ठाकुर के जेल पहुंचने के साथ उसकी फरारी का अध्याय खत्म हो गया है। अब पुलिस की जांच का फोकस उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की पूरी कड़ी जोड़ने और आगे की कानूनी कार्रवाई पर है।