Cg news।बिलासपुर। हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद निर्धारित समय में आदेश का पालन नहीं करने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आबकारी कमिश्नर पीएस एल्मा और अपर आबकारी आयुक्त पीएल साहू को नोटिस जारी कर तलब किया है।

जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने दोनों अधिकारियों से पूछा है कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना के लिए उनके खिलाफ न्यायालय अवमानना अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

मामला जांजगीर-चांपा आबकारी विभाग में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत मुकेश कुमार शर्मा की विभागीय पदोन्नति से जुड़ा है।

शर्मा ने आबकारी उपनिरीक्षक पद की विभागीय पदोन्नति परीक्षा में हिस्सा लिया था। चयन प्रक्रिया के दौरान उनके सेवा अभिलेख में वर्ष 2017, 2018 और 2019 की प्रतिकूल प्रविष्टियों के आधार पर 15 अंक कम कर दिए गए थे। इसके चलते वह पदोन्नति प्रक्रिया से बाहर हो गए।

विभागीय कार्रवाई को चुनौती देते हुए मुकेश कुमार शर्मा ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में उनका कहना था कि जिन वर्षों के सेवा अभिलेख में प्रतिकूल टिप्पणियां दर्ज की गईं, उनकी जानकारी उन्हें पहले नहीं दी गई थी। साथ ही, इन प्रविष्टियों के संबंध में उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया।

कोर्ट ने 90 दिन में पुनर्विचार का दिया था निर्देश

16 दिसंबर 2025 को मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने संबंधित प्रतिकूल प्रविष्टियों को हटाने का निर्देश दिया था।

कोर्ट ने विभाग को उपलब्ध अन्य सेवा अभिलेखों के आधार पर याचिकाकर्ता के मामले पर दोबारा विचार कर 90 दिन के भीतर नया आदेश पारित करने को कहा था। इस दौरान कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के रुखसाना शाहीन खान मामले में प्रतिपादित सिद्धांत का भी उल्लेख किया था।

निर्धारित अवधि बीती, फिर भी नहीं हुआ फैसला

याचिकाकर्ता के अनुसार, हाई कोर्ट द्वारा तय 90 दिन की अवधि बीत जाने के बावजूद विभाग की ओर से आदेश के अनुरूप कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद मुकेश कुमार शर्मा ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय के माध्यम से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि न्यायालय के आदेशों के पालन में इस तरह की देरी से संबंधित पक्ष को समय पर राहत नहीं मिलती और अवमानना मामलों का बोझ भी बढ़ता है।

दो वरिष्ठ अधिकारियों से मांगा जवाब

मामले को गंभीरता से लेते हुए जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने आबकारी कमिश्नर पीएस एल्मा और अपर आबकारी आयुक्त पीएल साहू को नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

कोर्ट ने यह भी पूछा है कि न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने के मामले में उनके खिलाफ अवमानना अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। अधिकारियों के जवाब के बाद कोर्ट आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा।