दमोह/ मध्यप्रदेश के दमोह जिले में मिशन अस्पताल में हुई सात मौतों के मामले में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट नरेंद्र यादव उर्फ डॉ. एन जॉन केम को पुलिस ने रविवार दोपहर भारी सुरक्षा के बीच पुलिस कंट्रोल रूम से एमएलसी प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्पेशल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया। आरोपी को करीब दोपहर बाद करीब 3 बजकर 45 मिनट पर कोर्ट रूम नंबर 17 में पेश किया गया, जहां लगभग एक घंटे तक दोनों पक्षों के बीच बहस चली। न्यायमूर्ति रिया सिंह ने पुलिस को चार दिन की रिमांड की मंजूरी देते हुए आरोपी को पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

मामले की अगली सुनवाई अब 17 अप्रैल को होगी।

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नरेंद्र यादव उर्फ डॉ. एन जॉन केम पर आरोप है कि उन्होंने कार्डियोलॉजिस्ट होने का झूठा दावा कर दमोह के मिशन अस्पताल में गंभीर मरीजों का इलाज किया, जिससे सात मरीजों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया और स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पुलिस विभाग ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी।

आरोपी के वकील सचिन नायक ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट से पांच दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन न्यायालय ने 17 अप्रैल तक चार दिन की रिमांड ही मंजूर की है।

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उन्होंने बताया कि आरोपी का कहना है कि सभी मरीजों के इलाज से पहले उनके परिजनों को उनकी गंभीर स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी गई थी और इलाज शुरू करने से पहले सभी से कंसेंट फार्म भी साइन करवाए गए थे। मरीजों के परिवार वालों को यह जानकारी दी गई थी कि इलाज के दौरान मरीज की जान जाने का खतरा भी हो सकता है। वकील ने यह भी कहा कि आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है, इसलिए वह अपनी तरफ से कोई दस्तावेज या साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है। जैसे ही पुलिस रिमांड समाप्त होगी, वे अदालत के समक्ष सभी दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे।

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