रायपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) ने 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली सहायक शिक्षक की लिखित भर्ती परीक्षा को स्थगित कर दिया है।

इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक की ओर से आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है।

दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण व्यवस्था में समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रावधान ना करने की वजह से पूरा सिस्टम ध्वस्त हो गया।

परीक्षा की तैयारी पूरी हो गई थी। अभ्यर्थी परीक्षा सेंटरों की ओर या तो कूच कर गए था, या जिन्हें दूर दराज का परीक्षा केंद्र मिला है वह एक दिन पहले ही संबंधित जगह पर आने लगे थे। विभागीय अफसरों की एक चूक ने पूरी व्यवस्था पर पानी फेर कर रख दिया है।

दरअसल, पूर्णत: दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा से समाज कल्याण विभाग ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

सर्कुलर में बदलाव कर इस तरह के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण प्रणाली में जगह नहीं दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने इसे मुद्दा बनाया और अदालत का दरवाजा खटखटाया।

संचालनालय द्वारा विज्ञापन में दिव्यांगता की श्रेणी का चिन्हांकन समाज कल्याण विभाग द्वारा 25 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के आधार पर किया गया। इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने आठ महीने बाद संशोधित अधिसूचना जारी कर दी।

समाज कल्याण विभाग को जब तक अपनी गलती का एहसास हुआ और नियमों में संशोधन किया जब तक देर हो चूकी थी। दरअसल DPI संचालनालय, लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ द्वारा सहायक शिक्षक पर के संक्षिप्त एवं विस्तृत विज्ञापन जारी कर दिया गया था। डीपीआई द्वारा विज्ञापन जारी किए जाने के बाद छ.ग. कर्मचारी चयन मण्डल द्वारा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी। ऐसी स्थिति में संशोधित अधिसूचना अनुसार पूर्ण दृष्टिबाधित श्रेणी (B) को वर्तमान भर्ती प्रक्रिया 2026 में शामिल किया जाना विधिक एवं व्यावहारिक रूप से संभव ही नहीं था।

याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता रूंगठा द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र 05 मार्च 2019 के अनुसार दिव्यांगता की श्रेणियों का विभाजन नहीं करने का मुद्दा उठाया गया है।

इस संबंध में विभाग की ओर से डिवीजन बेंच को बताया गया, संचालनालय लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ द्वारा समाज कल्याण विभाग की 05 मार्च 2019 के अधिसूचना के अनुसार दिव्यांगों हेतु आरक्षित पदों को दिव्यांगता की श्रेणियों में विभक्त करते हुये शुद्धि पत्र जारी करने के लिये सहमत है। शुद्धि पत्र का प्रारूप न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

समाज कल्याण विभाग की संशोधित अधिसूचना अनुसार भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण दृष्टिबाधित श्रेणी (B) के अभ्यर्थियों को शामिल किया जायेगा।

मीनाक्षी मांगलेकर एवं अन्य 02 ने अधिवक्ता रूंगठा के जरिए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

07 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के दौरान सहायक शिक्षक के लिये जारी विस्तृत विज्ञापन में दिव्यांगता के लिये चिन्हांकित पदों के समूहवार विभाजन के संबंध में शुद्धि पत्र जारी नहीं किये जाने को लेकर अधिवक्ता ने मुद्दा उठाया था। प्रारंभिक सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई के लिए 09 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित कर दी थी।