Cg news।मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। छत्तीसगढ़ के नवीन जिले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की जिला पंचायत राजनीति में बड़ा सियासी भूचाल आ गया है।

गोंड अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र को लेकर कानूनी विवादों और न्यायिक घेरेबंदी का सामना कर रहीं वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह की कुर्सी पर अब अविश्वास का सीधा संकट गहरा गया है। जिला पंचायत के निर्वाचित सदस्यों ने लामबंद होकर अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर को आधिकारिक तौर पर अविश्वास प्रस्ताव का ज्ञापन सौंप दिया है।

1 अक्टूबर 2026 को जिला पंचायत सदस्यों ने कलेक्टर एवं विहित प्राधिकारी कार्यालय पहुंचकर लिखित सूचना पत्र सौंपा और अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए विशेष बैठक बुलाने की मांग की।

कलेक्टर को सौंपे गए प्रस्ताव पत्र में सदस्यों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वर्तमान अध्यक्ष नम्रता सिंह पूरे सदन और सदस्यों का विश्वास पूरी तरह खो चुकी हैं। सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं:

*विकास कार्यों के आवंटन, प्रशासनिक निर्णयों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है।निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बिना विश्वास में लिए लगातार मनमाने फैसले थोपे जा रहे हैं।

इन प्रमुख सदस्यों ने की अविश्वास प्रस्ताव की मांग

अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपने वाले सदस्यों में जिले के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि शामिल हैं।शांति बाई (जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र क्रमांक 01) शेश्वरी उइके (जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र क्रमांक 02)

सविता तिलक सोरी (जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र क्रमांक 04) नरसिंह भंडारी (जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र क्रमांक 05)

रेखा कोठारी (जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र क्रमांक 10)भोजेश शाह मंडावी (जिला पंचायत सदस्य)लखन लाल कलामे (जिला पंचायत सदस्य) एवं अन्य क्षेत्रीय सदस्य।

हस्ताक्षरकर्ता सदस्यों ने छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम के वैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए कलेक्टर से मांग की है कि जिला पंचायत के सभी निर्वाचित सदस्यों की विशेष बैठक अतिशीघ्र बुलाई जाए और गुप्त मतदान (Secret Voting) के जरिए अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय कराया जाए।

गौरतलब है कि जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह के खिलाफ कूटचरित जाति प्रमाण पत्र, ओडिशा मूल के दस्तावेजों और निरस्त परिपत्रों के आधार पर प्रक्रिया पूरी करने के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (बिलासपुर) में मामला लंबित है।