बैकुंठपुर (कोरिया): छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सोनहत विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला अंगवाही के प्रधान पाठक (हेडमास्टर) सुशील कुमार तिवारी को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बैकुंठपुर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

हेडमास्टर के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच दल की रिपोर्ट में दो प्रमुख आरोप सही पाए जाने और नोटिस का जवाब न देने पर यह सख्त कार्रवाई की गई है।

मामला ग्राम पंचायत कछार के ग्राम अंगवाही का है, जहां के निवासी रामगोपाल ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्रधान पाठक सुशील कुमार तिवारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हेडमास्टर स्कूल परिसर के भीतर जाने के बजाय गेट के बाहर से ही मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज कर वापस लौट जाते हैं।

कभी-कभार स्कूल पहुंचते भी हैं, तो शराब के नशे में रहते हैं, जिससे पठन-पाठन का माहौल प्रभावित हो रहा था।

जांच रिपोर्ट में पुष्टि के बाद थमाया गया था कारण बताओ नोटिस

शिकायत मिलने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सोनहत ने मामले की प्रारंभिक जांच की। 21 अगस्त 2026 को बीईओ कार्यालय से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में शिकायत के सभी तथ्य सही पाए गए।

जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ बैकुंठपुर ने 21 अगस्त और 27 अगस्त 2026 को संबंधित प्रधान पाठक को कारण बताओ सूचना पत्र (Show Cause Notice) जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि, समय सीमा बीत जाने के बावजूद हेडमास्टर की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत निलंबन आदेश जारी

नोटिस का जवाब न देना और पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता व स्वेच्छाचारिता को डीईओ ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3, 7 एवं 23 का स्पष्ट उल्लंघन माना।

मामले को गंभीर कदाचरण की श्रेणी में पाते हुए डीईओ बैकुंठपुर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत प्रधान पाठक सुशील कुमार तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सोनहत नियत किया गया है।निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) देय होगा।