अफ़सरशाही बनाम जनप्रतिनिधि: SDM पर भड़की विधायक, 24 घंटे का अल्टीमेटम
कार्यक्रम से दूरी, “मर्जी” वाले जवाब पर टकराव—कलेक्टर को फोन कर दी चेतावनी

बलरामपुर…( पृथ्वीलाल केशरी) जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच खिंचाव अब खुलकर सामने आने लगा है। सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा से जुड़ा एक वीडियो इस टकराव को सीधे उजागर करता है, जहां एक सामान्य कार्यक्रम की अनदेखी ने मामला विवाद और फिर अल्टीमेटम तक पहुंचा दिया।
सीसी सड़क और नाली निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम में विधायक पहुंचीं, लेकिन मौके पर राजपुर एसडीएम देवेंद्र प्रधान नहीं दिखे। कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी। मौके पर बताया गया कि एसडीएम फील्ड में हैं, लेकिन जब विधायक ने तहसील कार्यालय का रुख किया तो वहां एसडीएम और तहसीलदार कावेरी मुखर्जी मौजूद मिले। यहीं से नाराजगी ने तीखा रूप ले लिया।
कार्यक्रम में अनुपस्थिति को लेकर जब सवाल उठाया गया तो जवाब ने विवाद को और भड़का दिया। आरोप है कि एसडीएम ने कहा—कार्यक्रम में आना या न आना उनकी मर्जी है। इस कथित बयान के बाद मौके पर बहस तेज हो गई और मामला सीधे टकराव में बदल गया।
विवाद के तुरंत बाद विधायक ने कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। साफ शब्दों में कहा गया कि 24 घंटे के भीतर एसडीएम का तबादला किया जाए, अन्यथा कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठेंगी। अल्टीमेटम की समय-सीमा बीत चुकी है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि प्रशासन ने इस पर क्या रुख अपनाया है।
यह घटना सिर्फ एक कार्यक्रम की अनदेखी भर नहीं लगती, बल्कि उस गहरे असंतुलन की ओर इशारा करती है जहां जनप्रतिनिधि खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और प्रशासनिक तंत्र अपनी स्वायत्तता के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। जब एक विधायक को भी इस तरह सार्वजनिक रूप से नाराजगी जतानी पड़े, तो सवाल स्वाभाविक है कि आम जनता अपनी बात किस माध्यम से प्रभावी ढंग से रख पाएगी।





