नारी शक्ति के नाम पर छल”: महिला कांग्रेस का हमला, महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार को घेरा सब-हेडलाइन:
विधेयक गिरने पर जताई प्रतिक्रिया, कहा—आरक्षण तुरंत लागू हो, परिसीमन का बहाना बंद हो

बिलासपुर.. जिला कांग्रेस महिला कमेटी ने कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता कर संसद में पेश नारी शक्ति वंदन से जुड़े विधायी घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। महिला नेताओं ने विधेयक के गिरने को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व पर सीधा हमला बोला और इसे देश की महिलाओं के साथ बड़ा छल करार दिया।
पूर्व महापौर हेमा देशमुख ने कहा कि संसद में जो परिसीमन से जुड़ा विधेयक लाया गया, उसके साथ महिला आरक्षण को जोड़कर देश की आधी आबादी को गुमराह करने की कोशिश हुई। उनका आरोप है कि महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर असल में परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई गई, जो अंततः विफल रही।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को अब तक लागू नहीं किया गया, जबकि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इसे जमीन पर उतरना चाहिए था। इसके उलट सरकार ने इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़कर टालने की कोशिश की।
हेमा देशमुख ने मांग रखी कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो वर्तमान लोकसभा की 543 सीटों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू किया जाए। परिसीमन का इंतजार किए बिना संशोधन के जरिए इसे लागू किया जा सकता है।
प्रेसवार्ता में यह भी कहा गया कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को जो आरक्षण मिला, वह कांग्रेस सरकारों की पहल का परिणाम है। राजीव गांधी के समय से शुरू हुई पहल को आगे बढ़ाते हुए नरसिम्हा राव सरकार ने इसे संवैधानिक रूप दिया, जिसके चलते आज देशभर में लाखों निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय हैं।
महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिला आरक्षण को लेकर लगातार भ्रम और गलत जानकारी फैला रही है। पार्टी ने यह भी कहा कि यदि परिसीमन करना है तो 2011 की जनगणना के बजाय नई जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाए, ताकि सभी वर्गों को न्याय मिल सके।
प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष महंत गंगोत्री सहित महिला पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस ने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा।





