बिलासपुर…मंच पर कार्यक्रम चल रहा था, लेकिन असली दृश्य तब बना जब तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह मंच से उतरकर बच्चों के बीच पहुंचे। हाथ में भोजन की थाली लेकर उन्होंने बच्चों को खुद भोजन परोसा। इसके बाद वे काफी देर तक बच्चों के बीच रहे, उनसे बातचीत की, उनके साथ हंसी-मजाक किया और स्नेह से उनकी बातें सुनीं। यह किसी औपचारिकता की तरह नहीं, बल्कि बच्चों के साथ सीधे जुड़ने वाला सहज क्षण नजर आया।

सकरी के आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में धर्मजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं और न्योता भोज रखा गया। भोजन के समय विधायक खुद बच्चों के बीच पहुंचे और एक-एक कर उनकी थाली में भोजन परोसा। बच्चों के साथ उनका यह संवाद कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी कुछ देर तक चलता रहा।

इस दौरान धर्मजीत सिंह ने बच्चों से उनके नाम पूछे, उनकी बातें सुनीं और उनके साथ सहजता से समय बिताया। बच्चों के बीच उनकी मौजूदगी किसी मंचीय संबोधन तक सीमित नहीं रही। यही वजह रही कि कार्यक्रम का सबसे जीवंत हिस्सा भाषण नहीं, बल्कि बच्चों के बीच बैठकर बिताया गया वह समय रहा।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीना उपाध्याय, बिकुला मरकाम, कुंती कोरी और उर्मिला साहू तथा मितानिन गौतरहीन मेहर को सम्मानित किया गया। सुपोषित बच्चों रुद्र नेति, आदिक पाणिक, तनिष्का वस्त्रकार, शिवांश ध्रुव और प्रियांशी पाटले की माताओं को भी सम्मान दिया गया।

धर्मजीत सिंह ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों के काम का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों के पोषण और मातृ स्वास्थ्य से जुड़े काम में उनकी भूमिका परिवारों के बीच सीधे दिखाई देती है। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र सकरी-7 की कार्यकर्ता माधुरी कोरी को बच्चों के लिए खिलौने भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुरेश सिंह, सीडीपीओ सकरी सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और पर्यवेक्षक मौजूद रहे।

मंच पर सम्मान और संबोधन कार्यक्रम का हिस्सा थे, लेकिन बच्चों के बीच थाली लेकर पहुंचे धर्मजीत सिंह और उनके साथ लंबे समय तक बिताया गया समय इस आयोजन की ऐसी तस्वीर बना गया, जिसमें जनप्रतिनिधि और बच्चों के बीच औपचारिक दूरी कुछ देर के लिए दिखाई नहीं दी।