Ayodhya ram mandir।राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है. अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद उनपर इस्तीफे का दबाव था. वह विपक्ष के निशाने पर थे. चंपत के अलावा ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया है.

Ayodhya ram mandir।अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा अनियमितता मामले के बीच शुक्रवार को ये बड़ा घटनाक्रम सामने आया. दोनों के इस्तीफे ऐसे समय आए हैं, जब उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पूरे मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है.

ये खबर भी पढ़ें…
पति की टांग कटी, पत्नी ने मांगा तलाक; अदालत ने कहा—आरोप साबित भी करने होंगे
पति की टांग कटी, पत्नी ने मांगा तलाक; अदालत ने कहा—आरोप साबित भी करने होंगे
मंडी... हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की सुंदरनगर फैमिली कोर्ट ने तलाक के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पत्नी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Ayodhya ram mandir।इस पूरे मामले पर आज शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी बयान दिया है. उन्होंने देवरिया में एक कार्यक्रम में कहा कि जन आस्था के साथ जो खिलवाड़ करेगा, उसके साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम करेंगे.

उन्होंने कहा कि अयोध्या हम सबके आस्था की प्रतीक है. अयोध्या पर आक्षेप मत करो. श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो. मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी. एसआइटी रिपोर्ट आई. कार्रवाई प्रारंभ हो गई है.

ये खबर भी पढ़ें…
Rakshabandhan 2026: क्या चंद्र ग्रहण का रहेगा साया? जानें सूतक काल और रक्षासूत्र बांधने का सही धार्मिक नियम
Rakshabandhan 2026: क्या चंद्र ग्रहण का रहेगा साया? जानें सूतक काल और रक्षासूत्र बांधने का सही धार्मिक नियम
Rakshabandhan 2026: भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का पावन पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 28 अगस्त, शुक्रवार को अत्यंत उत्साह और...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

चढ़ावा चोरी मामले में गुरुवार को FIR दर्ज की गई. आज चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया. अयोध्या पुलिस सभी नामजद आठों आरोपियों के स्टेटमेंट रिकॉर्ड कर रही है.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों की जांच अभी सिर्फ वादी की शिकायत के आधार पर चल रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अगर जांच में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम सामने आया तो दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.

ये खबर भी पढ़ें…
Rakshabandhan 2026-जानिए क्यों बांधी जाती है लाल, पीली और केसरिया रंग की राखी, क्या है इन खास रंगों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
Rakshabandhan 2026-जानिए क्यों बांधी जाती है लाल, पीली और केसरिया रंग की राखी, क्या है इन खास रंगों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
Rakshabandhan 2026: भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व इस वर्ष 28 अगस्त 2026,...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अभी तक अयोध्या पुलिस को SIT की रिपोर्ट नहीं मिली है, जिसके मिलने के बाद जांच में कई और नाम शामिल हो सकते हैं. एक-एक करके आरोपियों के स्टेटमेंट रिकॉर्ड हो रहे हैं और उनको एक दूसरे से मिलाकर वेरिफाई किया जा रहा है. वहीं, पुलिस सभी आरोपियों के बैंक खाते की भी जांच करेगी, जिससे मनी ट्रेल स्टैबलिश हो सके. आगे जैसे जैसे तथ्य सामने आएंगे जांच का दायरा बढ़ता जाएगा.

ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है.

पुलिस ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से 23 जून को सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जिसके आधार पर यह एक्शन लिया गया. सूत्रों के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था. एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं.

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को सात जून को एक खबर का हवाला देते हुए उठाया और उन्होंने इसमें न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी. बाद में इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया.

विपक्ष के निशाने पर रहे चंपत राय

इस मामले के सामने आने के बाद से ही चंपत राय विपक्ष के निशाने पर रहे हैं. आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि अभी भी चंदा चोर पार्टी बड़े डकैतों को क्यों बचा रही है. आख़िर निर्माण कार्य, जमीन ख़रीद और चढ़ावे में चोरी करने वाले चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव कब जेल जाएंगे.