Rakshabandhan 2026: भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व इस वर्ष 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा.

Rakshabandhan 2026।इस विशेष अवसर को लेकर बाजारों में रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों की बहार आ चुकी है. हालांकि, तमाम डिजाइनों के बीच लाल, पीले और केसरिया रंग की राखियों की मांग सबसे अधिक बनी हुई है.

Rakshabandhan 2026।भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में इन तीन रंगों को अत्यंत शुभता, मंगल और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जिसके चलते बहनें अपने भाइयों की कलाई के लिए इन विशेष रंगों को प्राथमिकता देती हैं.

सनातन परंपरा में लाल रंग को शक्ति, अगाध प्रेम, उत्साह और मांगलिक कार्यों का प्रतीक माना जाता है. पूजा-पाठ में सिंदूर और रोली के उपयोग की तरह ही लाल रंग की राखी भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाने व आपसी स्नेह बढ़ाने का प्रतीक मानी जाती है. वहीं, पीला रंग ज्ञान, समृद्धि, सुख और शांति का सूचक है.

Rakshabandhan 2026।भगवान श्री हरि विष्णु को प्रिय होने और हल्दी के धार्मिक महत्व के कारण पीले रंग की राखी भाई के जीवन में सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना के साथ बांधी जाती है. इसके अलावा त्याग, साहस, ऊर्जा और आध्यात्मिकता का प्रतीक केसरिया रंग भाई को जीवन की हर चुनौती का डटकर सामना करने की शक्ति और सकारात्मकता प्रदान करता है.

पंचांगीय गणना के अनुसार, साल 2026 में श्रावण शुक्ल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से प्रारंभ होकर 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के नियम अनुसार रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को ही मनाया जाएगा.

इस दिन बहनों के लिए राखी बांधने का सबसे श्रेष्ठ और शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.