रायपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा ने कहा है की छत्तीसगढ़ के 1,20,000 शिक्षकों के बीच टेट उत्तीर्ण करने की एक बाध्यता परोसा जा रहा है। टेट को शिक्षकों के गले का फांस कतई नहीं बनने देंगे। शिक्षक पात्रता परीक्षा के विषय में उन्होंने प्रदेश भर के शिक्षकों को आगाह करते हुए कहा है कि हमारा तो पहले से ही नारा है कि “हमने दिलाया है, और हम ही दिलाएंगे” तो यकीन मानिए टेट के झमेले से हम ही आपको मुक्त कराएंगे।

किसी भी शिक्षक को अपनी सेवा खतरे में है यह नहीं समझना चाहिए, 31 अगस्त 2028 तक का समय है और आपको हम भरोसा देते हैं कि आपकी सेवाओं को अंतिम दम तक हम सुरक्षित करेंगे। 5 वर्ष से कम जिन शिक्षकों की सेवा है उनको तो न्यायिक प्रक्रिया से लाभ मिल गया है। लेकिन हम भरोसा देना चाहते हैं की कोई भी शिक्षक चाहे वह किसी भी सत्र में भर्ती हुआ हो टेट की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं होने के कारण सेवा से नहीं निकाल दिया जाएगा।

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जब से छत्तीसगढ़ के भर्ती व पदोन्नति नियम में टेट अनिवार्य किया गया है, उसके बाद से जो शिक्षक भर्ती हुए हैं वे टेट उत्तीर्ण करके ही आये हैं, लेकिन नियम के पहले जो शिक्षक भर्ती किए गए और वर्तमान में सेवारत हैं उनके लिए टीईटी की अनिवार्यता थी ही नहीं, उन्हें शासन पूर्णतः छूट देने का प्रावधान करे, पदोन्नति देने हेतु शासन व्यवस्था बनाये यह जवाबदारी शासन की है, क्योंकि 13 फरवरी 2026 का नया भर्ती व पदोन्नति नियम वर्तमान प्रचलित है जिसमें भी पदोन्नति हेतु टेट का उल्लेख नहीं है, और सेवा में रहने के लिए भी टीईटी उत्तीर्ण होने की बाध्यता नही है।

ऐसे में सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता को टेट से घबराने की आवश्यकता नहीं है बस उनसे हम यह अपील करते है कि छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के अनुभवी प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन के पहल के साथ आगे बढ़े, क्योंकि हमारे पहल से शिक्षकों को अवकाश, वन टाइम रिलैक्सेशन पदोन्नति, संविलियन, पुरानी पेंशन जैसी सौगात मिली है, आप भरोसा को कायम रखते हुए प्रदेश भर के शिक्षक एकजुट हो जाएं, हड़ताल करना एक बात है, परिणाम आना अलग बात है, टेट की बाधा को हम सब मिलकर पार करेंगे।

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वर्तमान में शासन द्वारा दी गई गाइडलाइन जिसमें 30 अगस्त तक पदोन्नति की बात की गई है इसमें भी प्रदेश के शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दिया जाएगा, इसके लिए छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा द्वारा जरूरी पहल करते हुए अधिकारियों से चर्चा जारी है, किसी भी स्थिति में शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जाएगा, आपको एक कदम आगे बढ़कर अनुभवी शिक्षक नेताओं को साथ देना होगा, साथ चलना होगा, भरोसा करना होगा, और उसके बाद सुखद परिणाम प्राप्त होगा, इस विषय मे 18 अगस्त को डीपीआई में ज्ञापन दिया जाएगा।

वर्तमान में पांच मुख्य विषय

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1. छत्तीसगढ़ राजपत्र शिक्षक पंचायत संवर्ग भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम 17 अगस्त 2012 के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है, इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करते हुए, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दिया जावे एवं 17 अगस्त 2012 के बाद सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा करते हुए शिक्षक हितों की रक्षा किया जावे।

2. पूर्व सेवा अवधि की गणना पूर्ण पेंशन के लिए किया जावे।

3. वेतन विसंगति को दूर करने केंद्रीय वेतनमान के आधार पर छत्तीसगढ़ के शिक्षकों का वेतन निर्धारण किया जावे।

4. विसंगतियुक्त 13 फरवरी 2026 के नया भर्ती एवं पदोन्नति नियम को निरस्त किया जावे।

5. प्रशिक्षित सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता को बीएड हेतु विभागीय ब्रिज कोर्स कराया जावे।

मुख्य विषय को लेकर हम संवाद व संघर्ष के लिए आगे बढ़ रहे हैं और भी आपके विषय होंगे उसे भी हम आगे जाकर शामिल करेंगे, आप सुझाव दीजिए साथ रहिए, आइये आगे बढ़ते हैं।