भोपाल। मध्यप्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए TET की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर अध्यापन कर रहे उन शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा 2026 की नियम पुस्तिका जारी कर दी है, जिन्होंने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं की है। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 21 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक किए जा सकेंगे। आवेदन में संशोधन की सुविधा 9 सितंबर तक रहेगी और परीक्षा 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।

 

सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश के बाद सेवारत शिक्षकों के लिए TET जरूरी हुई है। इसके बाद शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के लिए तीन साल का समय दिया गया और इसकी अंतिम समय-सीमा 31 अगस्त 2028 तय की गई। मध्यप्रदेश ने इसी व्यवस्था के तहत सेवारत शिक्षकों के लिए अलग पात्रता परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है।

 

सेवारत शिक्षकों की TET परीक्षा 150 अंकों की होगी और इसके लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाएगा। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार के होंगे। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उत्तीर्ण होने के लिए 50 प्रतिशत अंक तय किए गए हैं, जबकि अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 60 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। इस तरह 150 अंकों के पेपर में संबंधित आरक्षित श्रेणियों के लिए 75 और अन्य वर्ग के लिए 90 अंक जरूरी होंगे।

 

मध्यप्रदेश की इस परीक्षा का स्वरूप भी महत्वपूर्ण है। यह परीक्षा सरकारी शिक्षक पद पर नई नियुक्ति के लिए नहीं है। इसका परिणाम भविष्य में सरकारी शिक्षक पद पर सीधी भर्ती के लिए मान्य नहीं होगा। इसका उद्देश्य सेवा में पहले से कार्यरत उन शिक्षकों को TET की पात्रता देना है, जिन्होंने निर्धारित TET उत्तीर्ण नहीं की है। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के लिए अलग-अलग परीक्षा और पाठ्यक्रम रखा गया है। माध्यमिक स्तर पर सरकारी स्कूलों के शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और अध्यापक संविदा शाला शिक्षक वर्ग-2 के ऐसे शिक्षक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने निर्धारित TET उत्तीर्ण नहीं की है।

 

मध्यप्रदेश में सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके शिक्षकों को भी राहत दी गई है। जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम समय बचा है, उन्हें TET से छूट दी गई है। ऐसे शिक्षक सेवा में बने रह सकेंगे, हालांकि पदोन्नति के लिए TET उत्तीर्ण करना जरूरी होगा।

 

मध्यप्रदेश की यह व्यवस्था अब छत्तीसगढ़ के लिए भी महत्वपूर्ण हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों के लिए विभागीय TET की मांग उठ रही है। ऐसे में मध्यप्रदेश ने जिस तरह से सेवारत शिक्षकों के लिए अलग परीक्षा, अलग पाठ्यक्रम, उत्तीर्ण अंकों और सेवानिवृत्ति के करीब शिक्षकों के लिए छूट की व्यवस्था की है, वह छत्तीसगढ़ में विभागीय TET की मांग के बीच एक मॉडल के रूप में सामने आ सकती है।