खूंटाघाट से 25 अप्रैल को पानी रिलीज: 107 गांवों के 211 तालाब भरने की तैयारी, दुरुपयोग पर सख्ती
नहरों के जरिए निस्तारी के लिए आपूर्ति, रबी सिंचाई में इस्तेमाल पर कार्रवाई की चेतावनी

बिलासपुर…जिले में बढ़ती जल आवश्यकता को देखते हुए प्रशासन ने खूंटाघाट जलाशय से नहरों के माध्यम से गांवों के निस्तारी तालाब भरने का निर्णय लिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 25 अप्रैल को सुबह 11 बजे से खारंग जलाशय के बाएं और दाएं तट की नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था से नहर किनारे बसे 107 गांवों के 211 तालाबों को भरने का लक्ष्य रखा गया है।
107 गांव, 211 तालाब: निस्तारी पर फोकस
योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निस्तारी की जरूरत पूरी करना है। जनप्रतिनिधियों की मांग और जमीनी स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। तालाब भरने से पशुओं और घरेलू उपयोग के लिए पानी उपलब्ध रहेगा, जिससे गांवों में पानी की किल्लत कम होने की उम्मीद है।
मैदानी अमले को जिम्मेदारी
जल संसाधन विभाग ने अपने मैदानी अमले को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तालाब भरने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। नहरों के माध्यम से छोड़े गए पानी का प्रवाह तय स्थानों तक पहुंचे, इसकी निगरानी भी अधिकारियों की जिम्मेदारी में शामिल की गई है।
दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने साफ किया है कि नहर के पानी का उपयोग केवल निस्तारी तालाब भरने के लिए ही किया जाएगा। रबी सीजन में धान की सिंचाई या अन्य कार्यों में पानी का उपयोग पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि पानी के उपयोग में सहयोग करें और अपव्यय से बचें।
निगरानी के साथ क्रियान्वयन
पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित और प्रभावी बनाने के लिए नियमित निगरानी पर जोर दिया गया है। प्रशासन का फोकस साफ है—पानी का सही उपयोग हो और जरूरतमंद गांवों तक समय पर पहुंच सुनिश्चित हो।





