कलेक्टर ने कसी लगाम: मिट्टी-मुरूम पर नियंत्रण, 200 तालाब खुदाई का टारगेट
कलेक्टर का सीधा संदेश: तालाब गहराओ, तय जगह से लाओ मिट्टी—मनमानी खत्म

बिलासपुर..जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी निर्माण एजेंसियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर साफ निर्देश दिए कि तय समय और मानक से समझौता नहीं होगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित राज्य की विभिन्न एजेंसियों, रेलवे, एनटीपीसी और एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे।
मिट्टी-मुरूम की अव्यवस्था खत्म
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली मिट्टी और मुरूम की मौजूदा अव्यवस्थित व्यवस्था पर चिंता जताई। अभी ठेकेदार अलग-अलग स्थानों से सामग्री जुटाते हैं, जिससे अनियमितता और पारदर्शिता की समस्या सामने आती है। इसे खत्म करने के लिए अब तय स्रोतों से ही सामग्री उपलब्ध कराने की योजना लागू की जाएगी।
तालाब गहरीकरण से मिलेगा समाधान
कलेक्टर ने इस समस्या के समाधान को तालाब गहरीकरण से जोड़ते हुए नई पहल की घोषणा की। गर्मी में सूख चुके और उथले तालाबों को गहरा करने से निकली मिट्टी और मुरूम को निर्माण कार्यों में उपयोग किया जाएगा। इससे एक साथ दो लक्ष्य पूरे होंगे—निर्माण कार्यों को सामग्री मिलेगी और तालाबों की जलधारण क्षमता भी बढ़ेगी।
200 तालाबों का लक्ष्य, समयसीमा
इस योजना के तहत अगले डेढ़ से दो महीने में जिले के 200 तालाबों के गहरीकरण का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए ठेकेदार मशीनों का उपयोग कर सकेंगे, लेकिन उन्हें संबंधित पंचायतों से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा।
अनियमित परिवहन पर सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने सब इंजीनियरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि मिट्टी-मुरूम तय स्थानों से ही लाई जा रही है। किसी भी तरह का अवैध या अनियमित परिवहन पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण को जोड़ा
बैठक में तालाब गहरीकरण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने ठेकेदारों से कहा कि वे तालाबों के किनारे वृक्षारोपण करें और इसे अपने सीएसआर दायित्व का हिस्सा बनाएं। पीपल, बरगद और आम जैसे बड़े और उपयोगी वृक्ष लगाने पर विशेष बल दिया गया।
गुणवत्ता और समयसीमा पर दो टूक
कलेक्टर ने साफ कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होगा और सरकारी तथा निजी निर्माण में अंतर नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने सभी एजेंसियों को एग्रीमेंट के अनुसार तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं में लगने वाले सार्वजनिक धन का जिम्मेदारी से उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
योजनाबद्ध विकास पर फोकस
बैठक में बसाहट क्षेत्रों के आसपास भूमि के बेहतर उपयोग, भवनों में पार्किंग व्यवस्था और समग्र योजनाबद्ध विकास पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों और ठेकेदारों को आपसी समन्वय और अनुभव साझा कर कार्यों की गुणवत्ता बेहतर करने के निर्देश दिए गए।
सभी विभागों की संयुक्त समीक्षा
बैठक में सभी निर्माण विभागों के सब इंजीनियर से लेकर कार्यपालन अभियंता स्तर तक के अधिकारी शामिल हुए और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।





