बिलासपुर।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ,सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए भीषण बवाल, पथराव और आगजनी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में से एक रामसिंह ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

बिलासपुर पुलिस की विशेष टीम ने मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में दबिश देकर आरोपी को उसके दोस्त के घर से धर दबोचा. आरोपी को बिलासपुर लाया जा रहा है, जहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जाएगी.

सिटी कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 489/2026 के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम लगातार आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर रही थी:

पुलिस को सूचना मिली थी कि रामसिंह ठाकुर मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के थाना बृजपुर अंतर्गत ग्राम माकरी कुठार में छिपा हुआ है.

बिलासपुर पुलिस की टीम ने स्थानीय बृजपुर थाना पुलिस के सहयोग से माकरी कुठार स्थित धीरेन्द्र पटेल (आरोपी का मित्र) के मकान में घेराबंदी कर दबिश दी और रामसिंह ठाकुर को हिरासत में ले लिया.

जानिए क्या था बिलासपुर का पूरा बवाल मामला?

सिटी कोतवाली क्षेत्र में दो पक्षों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया था।विवाद इतना बढ़ा कि उपद्रवियों ने मुख्य बाजार और सिटी कोतवाली थाने के सामने उग्र प्रदर्शन करते हुए पथराव और तोड़फोड़ की. थाना परिसर और आसपास खड़े वाहनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया था.

भीड़ को बेकाबू होते देख स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे. इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे.

घटना के अगले दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने खपरगंज और अन्य संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला था. उपद्रव और हिंसा में शामिल 50 से अधिक लोगों के खिलाफ नामजद और अज्ञात में मामले दर्ज किए गए थे.

पूर्व में हो चुकी हैं ये गिरफ्तारियां

अपराध क्रमांक 489/2026 में पुलिस पूर्व में भी कार्रवाई करते हुए राजू यादव उर्फ नान, राकेश यादव उर्फ रिंकु और छत्रपाल साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

रामसिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद अब बिलासपुर पुलिस उपद्रव की साजिश, मुख्य भड़काने वालों और हिंसा में उसकी सटीक भूमिका को लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण में शामिल अन्य फरार आरोपियों को भी जल्द से जल्द सलाखों के पीछेभेजा जाएगा.