बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में ठेका श्रमिकों की लंबित 15 सूत्रीय मांगों को लेकर संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एसकेएमएस-एटक) ने आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने मांगों के निराकरण के लिए क्षेत्रीय महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रबंधन को चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।

संघ के क्षेत्रीय सचिव पंकज कुमार गर्ग एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष हीरालाल ने बताया कि क्षेत्र की विभिन्न खदानों में कार्यरत सैकड़ों ठेका श्रमिकों ने बीते 5 अक्टूबर को पोड़ी ग्राउंड से रैली निकालकर महाप्रबंधक कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद प्रबंधन की ओर से श्रमिकों की जायज एवं वैधानिक मांगों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।

संघ की प्रमुख मांगों में सभी खदानों में कार्य समिति का अनिवार्य गठन, ठेका श्रमिकों को नियुक्ति एवं पहचान पत्र देना, कोयला परिवहन, साइडिंग, सोलर प्लांट और खान परिसर में कार्यरत श्रमिकों को एचपीसी वेतनमान का भुगतान शामिल है। इसके अलावा बायोमेट्रिक मशीन एवं उपस्थिति रजिस्टर में हाजिरी दर्ज करने, प्रतिमाह 26 दिन का काम सुनिश्चित करने, हर महीने की 7 तारीख तक वेतन भुगतान तथा वेतन पर्ची उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

संघ ने कॉरपोरेट बैंक खातों के माध्यम से वेतन भुगतान, बोनस का पूर्ण भुगतान, खदानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन, दुर्घटनाओं को छिपाने की प्रथा पर रोक तथा गायत्री एवं केतकी खदान के आसपास रोजगार के नाम पर कथित अवैध वसूली की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई है। साथ ही भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनाने और पूर्व में वेतन से काटी गई सीएमपीएफ राशि वापस करने अथवा समायोजित करने की मांग की गई है।

संघ ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 17 से 24 नवंबर 2026 तक सात दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 25 नवंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी क्षेत्रीय प्रबंधन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि एसईसीएल बिलासपुर के निदेशक, सूरजपुर कलेक्टर, एसडीएम एवं संबंधित पुलिस थाना को भी सूचनार्थ भेजी गई है।