बिलासपुर…कांग्रेस की एक नवंबर को होने वाली प्रस्तावित रैली से ठीक पहले भाजपा ने शनिवार को बिलासपुर में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ के नारे के साथ निकली पदयात्रा में केंद्र और प्रदेश के दिग्गज नेताओं सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

गांधी चौक से नेहरू चौक तक निकली पदयात्रा

गांधी चौक से शुरू हुई रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नेहरू चौक पहुंची, जहां पदयात्रा ने विशाल आमसभा का रूप ले लिया। सभा में करीब पांच हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी का दावा किया गया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी जनादेश को लेकर पार्टी पर जमकर निशाना साधा।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में हुई आमसभा

नेहरू चौक पर आयोजित आमसभा को पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह खटीक ने संबोधित किया। मंच पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, पूर्व सांसद लखनलाल साहू, महापौर पूजा विधानी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रजनीश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूरवंशी, भाजपा शहर अध्यक्ष दीपक सिंह, ग्रामीण अध्यक्ष मोहित जायसवाल, बृजेश शुक्ला और समीर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पूर्व महापौर किशोर राय समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सभा में शिरकत की।

गरीब का बेटा प्रधानमंत्री बना तो कांग्रेस को तकलीफ

अमर अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ऐसी परिवारवादी पार्टी है, जो गरीब परिवार में जन्मे व्यक्ति को देश का प्रधानमंत्री बनते हुए बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें विकास के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। विकास का पहिया तेजी से आगे बढ़ रहा है और आम आदमी की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को यह बात रास नहीं आ रही कि गरीब परिवारों के लोग आगे बढ़ें, संपन्न हों और विकास की मुख्यधारा में अपनी जगह बनाएं। अग्रवाल के मुताबिक, कांग्रेस की राजनीति की परेशानी यही है कि जब आम आदमी तरक्की करेगा और आत्मनिर्भर बनेगा तो उसकी परिवारवादी राजनीति की जमीन कमजोर होगी।

जनादेश से बड़ा कुछ नहीं, लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आंदोलन और उसकी राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है। राजनीतिक दलों को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी जानी चाहिए। भाजपा की इस पदयात्रा का उद्देश्य जनता के बीच लोकतंत्र, संविधान और जनादेश के सम्मान का संदेश पहुंचाना है।

पटेल को मिले 15 वोट, नेहरू को नहीं मिला एक भी

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए इतिहास के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि आजादी के समय प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस के भीतर हुए मतदान में सरदार वल्लभभाई पटेल को 15 में से 15 प्रदेश कांग्रेस समितियों का समर्थन मिला था, जबकि जवाहरलाल नेहरू को एक भी वोट नहीं मिला। इसके बावजूद नेहरू प्रधानमंत्री बने। साहू ने इसे कांग्रेस के इतिहास में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी का उदाहरण बताया। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के चुनाव का उल्लेख करते हुए भी कांग्रेस पर उन्हें संसद पहुंचने से रोकने के प्रयास का आरोप लगाया।

एसआईआर पर कांग्रेस के आरोपों को बताया भ्रामक

एसआईआर पर उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और नरसिम्हा राव के कार्यकाल में भी यह प्रक्रिया अपनाई गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर परिणाम स्वीकार करती है, लेकिन हारने पर ईवीएम और मतदाता सूची पर सवाल उठाने लगती है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकराने के मुद्दे पर भी उन्होंने कांग्रेस को घेरा।

ठीकरा एसआईआर पर फोड़ना ठीक नहीं

केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह खटीक ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता के फैसले, संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करना भी है। उन्होंने एसआईआर को निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित करना और मृत, स्थानांतरित तथा दोहरे नामों जैसी विसंगतियों को दूर करना है। उन्होंने दावा किया कि देश में अब तक 12 बार एसआईआर हुआ है, जिनमें 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में यह प्रक्रिया अपनाई गई।

13 करोड़ नाम हटाने का दावा बताया भ्रामक

मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाए जाने संबंधी कांग्रेस के दावे को भ्रामक बताते हुए उन्होंने कहा कि संबंधित आंकड़ों में स्थानांतरित, सर्वेक्षण के दौरान पते पर नहीं मिले और मृत मतदाताओं की अलग-अलग श्रेणियां शामिल हैं। खटीक ने कहा कि चुनावी परिणाम मतदाता तय करते हैं, एसआईआर नहीं। राजनीतिक दलों को हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय जनता के बीच जाकर उसका विश्वास जीतना चाहिए।

कांग्रेस की रैली से पहले भाजपा ने दिखाई ताकत

सभा के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की एक नवंबर को होने वाली रैली और उसके आंदोलन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गांधी चौक से नेहरू चौक तक निकली इस पदयात्रा के जरिए भाजपा ने कांग्रेस के प्रस्तावित शक्ति प्रदर्शन से पहले शहर में अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया।