छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्य के खिलाफ गंभीर आरोपों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।

बतौली विकासखंड के शिवपुर स्थित विद्यालय के प्राचार्य ओमनारायण श्रीवास्तव पर एक आदिवासी शिक्षिका ने लगातार छेड़छाड़ करने, शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने और विरोध करने पर नौकरी से निकालने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित शिक्षिका की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

शिकायत के अनुसार, शिक्षिका की 29 जुलाई 2026 को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर, बतौली में पदस्थापना हुई थी।

विद्यालय के प्राचार्य ओमनारायण श्रीवास्तव अपने परिवार के साथ स्कूल परिसर में ही रहते हैं। शिक्षिका का आरोप है कि पदस्थापना के कुछ दिनों बाद से ही प्राचार्य उस पर गलत नजर रखने लगे और समय-समय पर अभद्र टिप्पणियां तथा इशारे करते थे।

शिक्षिका ने शिकायत में बताया कि 15 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे वह ड्यूटी के दौरान मेडिकल रूम में अलमारी में दवाइयां रख रही थी। इसी दौरान प्राचार्य कथित तौर पर पीछे से आए और उसके कंधे पकड़कर बाहों में ले लिया। शिक्षिका के मुताबिक, इस हरकत से वह घबरा गई और उसने प्राचार्य को ऐसी हरकत नहीं करने के लिए कहा।

आरोप है कि इस दौरान प्राचार्य ने उसके रूप-रंग और समुदाय को लेकर टिप्पणी की तथा यह भी कहा कि वह जितना चाहे, उसे उतना फायदा पहुंचा सकते हैं। शिक्षिका का कहना है कि प्राचार्य ने उसे इस बातचीत के बारे में किसी को नहीं बताने को कहा और बाद में बताने की बात कहकर वहां से चले गए।

शिकायत में 7 सितंबर 2026 की एक अन्य घटना का भी उल्लेख है।

शिक्षिका के अनुसार, उस दिन विद्यालय के कुछ बच्चे स्कूल की अव्यवस्थाओं की शिकायत करने बिना बताए पैदल अंबिकापुर चले गए थे। जानकारी मिलने पर वह भी अंबिकापुर पहुंची। वहां एक छात्रा की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्रा के परिजनों के अस्पताल पहुंचने के बाद शिक्षिका रात करीब 10:30 बजे विद्यालय वापस लौटी।

शिक्षिका का आरोप है कि वह अस्पताल में भर्ती छात्रा की स्थिति बताने के लिए प्राचार्य से मिलने गई थी। उस समय प्राचार्य स्कूल परिसर में टहल रहे थे। बातचीत के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह उसे काफी समय से अपनी बात मानने के लिए कह रहे हैं और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने पर उसका जीवन बना देंगे।

शिकायत के मुताबिक, शिक्षिका ने इसका विरोध करते हुए प्राचार्य की हरकतों की जानकारी अपने परिवार को देने की बात कही। इस पर प्राचार्य ने कथित तौर पर उसे नौकरी से निकलवाने और जान से मरवाकर फेंकवा देने की धमकी दी। शिक्षिका का कहना है कि वह डरकर वहां से चली गई।

शिक्षिका ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि इसके बाद भी प्राचार्य का व्यवहार नहीं बदला। वह मानपुर रोड पर सुबह की सैर के दौरान कई बार उस पर अभद्र टिप्पणियां करते थे। इसके अलावा विद्यालय के गेट के बाहर खड़े होकर, जहां सामने ही शिक्षिका का घर और दुकान है, उसकी ओर अभद्र इशारे करने और घूरने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार, शुरुआत में लोकलाज और बदनामी के डर से शिक्षिका ने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। लेकिन कथित हरकतें लगातार बढ़ने पर उसने अपनी मां को पूरी बात बताई और फिर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने शिक्षिका की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2), 78(2), 79 और 351(3) के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(w)(i), 3(1)(w)(ii) और 3(2)(va) के तहत एफआईआर दर्ज की है।