Sai Cabinet Meeting Decision।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज साय कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई। मिली जानकारी अनुसार यह महत्वपूर्ण बैठक मुख्यमंत्री निवास में सुबह 10:30 बजे से शुरू हुई , जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की।मंत्रिपरिषद की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए गए है।

मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के निराकरण/वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया है।

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मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा एवं परीक्षण के लिए, जिन्हें न्यायालय से वापस लिया जाना है, मंत्रिपरिषद उप समिति के गठन को स्वीकृति दी है। यह समिति परीक्षण उपरांत प्रकरणों को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रावधानों के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों के अच्छे आचरण तथा नक्सलवाद उन्मूलन में दिए गए योगदान को ध्यान में रखकर उनके विरुद्ध दर्ज प्रकरणों के निराकरण पर विचार का प्रावधान है।

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आत्मसमर्पित नक्सलियों के प्रकरण वापसी की प्रक्रिया के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान किया गया है। यह समिति आत्मसमर्पित नक्सली के अपराधिक प्रकरणों की वापसी के लिए रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करेगी। पुलिस मुख्यालय अभिमत सहित प्रस्ताव भेजेगा। शासन द्वारा विधि विभाग का अभिमत प्राप्त कर मामलों को मंत्रिपरिषद उप समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उपसमिति द्वारा अनुशंसित प्रकरणों को अंतिम अनुमोदन हेतु मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। केंद्रीय अधिनियम अथवा केंद्र सरकार से संबंधित प्रकरणों के लिए भारत सरकार से आवश्यक अनुज्ञा प्राप्त की जाएगी। अन्य प्रकरणों को न्यायालय में लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से वापसी की प्रक्रिया हेतु जिला दण्डाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न कानूनों को समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

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उल्लेखनीय है कि कई अधिनियमों में उल्लंघन पर जुर्माना या कारावास के प्रावधान होने से न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे आम नागरिक और व्यवसाय दोनों अनावश्यक रूप से प्रभावित होते हैं। ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए इन प्रावधानों का सरलीकरण आवश्यक है। इससे पहले, राज्य सरकार द्वारा 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन करते हुए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2025 अधिसूचित किया गया है। अब 11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 प्रावधानों को भी सरल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह विधेयक लाया जाएगा।

इस विधेयक में छोटे उल्लंघनों के लिए प्रशासकीय शास्ति का प्रावधान रखा गया है, जिससे मामलों का त्वरित निपटारा होगा, न्यायालयों का बोझ कम होगा और नागरिकों को तेजी से राहत मिल सकेगी। साथ ही, कई अधिनियमों में दंड राशि लंबे समय से अपरिवर्तित होने के कारण प्रभावी कार्यवाही बाधित होती थी, इस विधेयक से वह कमी भी दूर होगी। इन संशोधनों से सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया जा रहा है।

मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2025-2026 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 का अनुमोदन किया गया।

Sai Cabinet Meeting Decision।बैठक के बाद सीएम मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना में शामिल होंगे।शेड्यूल के अनुसार श्री साय दोपहर में बलौदाबाजार भाटापारा के ग्राम सोनाखान जायेंगे ।वहां मुख्यमंत्री शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत दिवस व श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इसके पहिले तीन दिसंबर को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थी।मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे।

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) – राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य में 01 दिसम्बर 2025 से लागू है, जिसके तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह लाभ 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।

राज्य में 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके।

इस तरह मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।

गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी।

छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से क्रय को प्रोत्साहन देने तथा जेम पोर्टल में क्रय की स्पष्टता के लिए संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। इन संशोधन से क्रय प्रक्रिया का सरलीकरण होगा, पारदर्शिता में वृद्धि होगी, प्रतिस्पर्धा को बढा़वा मिलेगा तथा समय और संसाधनों की बचत होगी।

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (क्र. 21 सन् 2018) में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के रिफॉर्म्स और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।