बिलासपुर… सरकारी दफ्तरों में फाइलों के ढेर और कागजी प्रक्रिया को कम करने की दिशा में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर ने सभी खंड प्रभारियों को निर्देश जारी कर नए कार्यालयीन कामकाज को ई-ऑफिस/ई-फाइल के माध्यम से ही संचालित करना अनिवार्य कर दिया है। आदेश में साफ कहा गया है कि शासन के निर्देशों के विपरीत बिना सक्षम अनुमति कागजी फाइल के जरिए काम करने या ई-फाइल में कार्रवाई लंबित रखने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी।

जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी आदेश में कहा है कि शासन ने सरकारी कामकाज में गति, पारदर्शिता, दक्षता और प्रभावी कार्य-निष्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पत्राचार एवं नोटशीट को ई-ऑफिस/ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से संचालित करना अनिवार्य किया है। कार्यालय के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस के व्यावहारिक संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

नोटशीट से लेकर पत्र तक, सब ई-फाइल में

आदेश के मुताबिक प्रत्येक खंड से संबंधित नए कार्यालयीन प्रकरणों की कार्रवाई ई-ऑफिस/ई-फाइल के माध्यम से ही करनी होगी। किसी प्रकरण में नोटशीट तैयार करने, अनुमोदन लेने, पत्र जारी करने या प्रकरण को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया भी ई-फाइल के जरिए ही होगी।

कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से भौतिक या कागजी फाइल में संचालित नहीं किया जाएगा। हालांकि, जहां शासन के निर्देशों के अनुसार मूल दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक हो, वहां अपवादस्वरूप भौतिक दस्तावेज का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

लंबित फाइलें भी अब नहीं रहेंगी दबकर

जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड प्रभारियों को अपने अधीन लंबित प्रकरणों को यथाशीघ्र ई-ऑफिस में लाकर उनकी कार्रवाई पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जा सकेगा।

ई-ऑफिस के माध्यम से प्राप्त फाइल-पत्र पर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित खंड प्रभारी और कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। यानी फाइल अटकने की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने का आधार भी अब स्पष्ट रहेगा।

तकनीकी दिक्कत बहाना नहीं बनेगी

आदेश में तकनीकी समस्या को भी काम लंबित रखने का आधार नहीं बनने देने की बात कही गई है। ई-ऑफिस संचालन में तकनीकी कठिनाई आने पर तत्काल कार्यालय के संबंधित ई-ऑफिस नोडल अधिकारी अथवा तकनीकी कर्मचारी को सूचना देकर समस्या का निराकरण कराने के निर्देश हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि शासन के निर्देशों के विपरीत बिना सक्षम कारण और अनुमति कागजी फाइल के माध्यम से काम करने अथवा ई-फाइल में कार्रवाई लंबित रखने की स्थिति में संबंधित खंड प्रभारी या कर्मचारी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।

नोडल अधिकारी को निगरानी की जिम्मेदारी

आदेश की प्रतिलिपि कार्यालय के ई-ऑफिस नोडल प्रभारी राम गोपाल नायक को आवश्यक तकनीकी सहयोग और निगरानी के लिए भेजी गई है। सभी खंड प्रभारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी निर्देशों से अवगत कराते हुए कार्यालयीन कार्य ई-ऑफिस प्रणाली में ही संपादित कराना सुनिश्चित करने को कहा गया है।