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Chhattisgarh

इलाज के नाम पर अंगूठी का जंजाल: झोलाछाप की नुस्ख़ा-गरी ने मरीज को पहुंचाया अस्पताल

नारायणपुर…झोलाछाप डॉक्टरों की ‘नवोन्मेषी चिकित्सा’ कभी-कभी मरीज की जान पर भारी पड़ सकती है। बस्तर संभाग के नारायणपुर ज़िले में ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जिसमें इलाज़ के नाम पर दी गई सलाह ने मरीज को अस्पताल की चौखट तक ला पटका।

दरअसल, जाटलूर गांव के एक युवक को पेशाब में जलन, बुखार और सिरदर्द की शिकायत हुई। गांव के एक झोलाछाप डॉक्टर ने दवा लिखने की बजाय ‘अलहदा आयडिया’ देते हुए गुप्तांग में अंगूठी पहनने की सलाह दे डाली। नतीजा, कुछ ही दिनों में अंग सूज गया और अंगूठी फंस गई।

स्थिति बिगड़ने पर मरीज पहले ओरछा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, लेकिन एम्बुलेंस न मिलने से उसे मोटरसाइकिल पर झटके खाते-खाते नारायणपुर जिला अस्पताल आना पड़ा।

अस्पताल में डॉ. धनराज सिंह डरसेना और डॉ. शुभम राय ने लगभग दो घंटे तक पसीना बहाकर धातु की अंगूठी काटी और मरीज को मुक्त कराया। डॉक्टरों का कहना था कि ज़रा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती थी।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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