ई-रिक्शा विवाद में बाप-बेटों का हंगामा—गाली, मारपीट और धमकी के बाद चारों आरोपी गिरफ्तार
छोटे विवाद ने लिया उग्र रूप—गाली-गलौच, मारपीट.. 4 आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

बिलासपुर..तोरवा थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक उग्र हो गया। बहस गाली-गलौच में बदली, फिर मारपीट तक पहुंची और जान से मारने की धमकी तक बात जा पहुंची। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और लगातार पतासाजी के बाद एक ही परिवार के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
विवाद से हिंसा तक—पीड़ित ने दर्ज कराई रिपोर्ट
17 अप्रैल को प्रार्थी मोहित प्रसाद गौतम ने थाना तोरवा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि ई-रिक्शा संचालन को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने उसके साथ अश्लील गाली-गलौच की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत को गंभीर मानते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश—तुरंत बनी टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार को जानकारी दी गई। निर्देश स्पष्ट थे—आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी। इसके बाद थाना प्रभारी रजनीश सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई और आरोपियों की लगातार तलाश शुरू हुई।
एक ही परिवार के चार आरोपी दबोचे गए
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आकाश उर्फ छोटू यादव, आशीष उर्फ लाली यादव, किशन यादव और पारस यादव को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी पावर हाउस, देवरीडीह क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने घटना स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
वारंटी गिरफ्तार—पुलिस का दबाव साफ
इसी कार्रवाई के दौरान तोरवा पुलिस ने एक स्थायी वारंटी सुरेश पटेल उर्फ मुकेश उर्फ पतलू को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। यह गिरफ्तारी बताती है कि क्षेत्र में लंबित मामलों पर भी पुलिस समानांतर सख्ती दिखा रही है।
स्पष्ट संदेश—छोटा विवाद भी बख्शा नहीं जाएगा
तोरवा पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि सार्वजनिक शांति भंग करने, मारपीट और धमकी जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी।





