सुशासन तिहार की उलटी गिनती—मैदान में उतरने का अल्टीमेटम, अब सख्त एक्शन
समयसीमा बैठक—तैयारियों की समीक्षा, अमल पर फोकस

बिलासपुर…जिले में 1 मई से 10 जून तक प्रस्तावित सुशासन तिहार को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। समयसीमा बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साफ निर्देश दिए कि यह अभियान केवल औपचारिक न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को शिविरों के प्रभावी संचालन और हर शिकायत के समयबद्ध निराकरण पर फोकस करने को कहा।
40 दिन, 31 शिविर—सीधे गांवों में समाधान
अभियान के तहत जिलेभर में जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 31 शिविर प्रस्तावित हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शिविरों से पहले अधिकारी खुद गांवों का दौरा करें, व्यवस्थाओं का आकलन करें और समस्याओं की अग्रिम पहचान कर लें, ताकि शिविरों में सीधे समाधान हो सके।
राजस्व और मुआवजा प्राथमिकता में
बैठक में पिछले वर्ष के लंबित प्रकरणों की समीक्षा पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि योजनाओं में संतृप्ति स्तर हासिल करना होगा। राजस्व विभाग के सीमांकन मामलों को प्राथमिकता में रखते हुए अपर कलेक्टरों को तहसील स्तर पर जाकर व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही भू-अर्जन की लंबित राशि का समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
जनभागीदारी से समाधान
भीषण गर्मी को देखते हुए जल प्रबंधन को अहम मुद्दा बताया गया। नगरीय निकायों में पेयजल की नियमित जांच, तालाबों के गहरीकरण और जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के निर्देश दिए गए। बरगद, पीपल, नीम और करंज जैसे पौधों के रोपण को अभियान का हिस्सा बनाकर इसे जनआंदोलन का रूप देने की बात भी सामने रखी गई।
जनगणना और न्यायालयीन प्रकरण
बैठक में जनगणना कार्य की समीक्षा करते हुए नागरिकों से स्व-गणना को बढ़ावा देने की अपील की गई। वहीं हाई कोर्ट में लंबित जवाब-दावा प्रकरणों को लेकर भी संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तैयारी पूरी, अब परीक्षा अमल की
बैठक में निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। तैयारियों की रफ्तार तेज है, लेकिन असली चुनौती अब इन निर्देशों को जमीनी हकीकत में बदलने की है।





