जनदर्शन में समस्याओं का अंबार—सुनवाई हुई, अब समाधान पर सवाल
शिकायतें ही शिकायतें—जनदर्शन में ग्रामीणों ने रखी बुनियादी जरूरतों की सच्चाई

बिलासपुर …जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में मंगलवार को शहर और ग्रामीण इलाकों से पहुंचे लोगों ने अपनी रोजमर्रा की समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखीं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आवेदन सुने और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित विभागों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन सबसे बड़ा सवाल वही—इन निर्देशों का जमीन पर असर कब दिखेगा।
मुक्तिधाम पर कब्जा—गांव की जमीन पर विवाद
कोटा विकासखंड के ग्राम छतौना से पहुंचे सरपंच और ग्रामीणों ने सामूहिक आवेदन देकर आरोप लगाया कि गांव के मुक्तिधाम की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जमीन मुक्त कराने की मांग की।
शौचालय को तरसती वृद्धा—मजबूरी में बाहर
मस्तुरी ब्लॉक के ग्राम खोरसी की वृद्ध महिला जहाज बाई ने शौचालय निर्माण के लिए सहायता मांगी। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण घर में शौचालय नहीं बन पाया, मजबूरी में खुले में जाना पड़ता है—जो आज भी कई गांवों की हकीकत है।
योजना का लाभ अब तक नहीं
ग्राम करमा की त्रिवेणी साहू ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का लाभ दिलाने की मांग रखी। उनका कहना है कि जमीन नहीं होने के कारण मजदूरी ही सहारा है, लेकिन योजनाओं का लाभ अब तक नहीं मिल पाया।
किसान ने उठाया सुरक्षा का सवाल
बिल्हा ब्लॉक के ग्राम केसला से आए उत्तम रात्रे ने बोर पंप की खराब विद्युत केबल बदलने की मांग की। उन्होंने बताया कि केबल कई जगह से कटी हुई है, जिससे करंट फैलने का खतरा बना हुआ है और खेत में काम करना जोखिम भरा हो गया है।
पेंशन अटकी, आवास अधुरा
ग्राम बिरगहनी के शिवनंदन यादव ने चार-पांच महीने से रुकी वृद्धावस्था पेंशन जारी कराने की मांग की। वहीं चनाडोंगरी के देवसिंह गेंदले ने प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित राशि दिलाने के लिए आवेदन दिया।
निर्देश जारी—लेकिन असर पर नजर जरूरी
जनदर्शन में भूमि, पेंशन, आवास, बिजली और राजस्व से जुड़े दर्जनों आवेदन सामने आए। कलेक्टर ने सभी मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। लेकिन असली परीक्षा अब इस बात की है कि इन शिकायतों का समाधान कितनी तेजी और पारदर्शिता से होता है।





